हरमनप्रीत कौर ने बल्लेबाजी में खुशी की खोज में भावुकता दिखाई
हरमनप्रीत कौर का जज्बाती खुलासा
रायपुर। भारत की पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने हाल ही में यह बताया कि कैसे पूर्व कोच डब्ल्यू.वी. रमन ने उन्हें अपनी शर्तों पर खेलने के लिए प्रेरित किया, जिससे वह भावुक हो गईं। जिम्बाब्वे के खिलाफ 41 गेंदों में नाबाद 91 रन बनाकर उन्होंने न केवल अपनी फॉर्म में वापसी का संकेत दिया, बल्कि खेल का आनंद लेने का भी मौका पाया।
आक्रामक पारी और आत्मविश्वास की वापसी
हरमनप्रीत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20ई सीरीज के अंतिम मैच में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। मिड-इनिंग्स इंटरव्यू में उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का आनंद लेने की बात की, जिसमें पिछले समय के कठिन दौर का दर्द स्पष्ट था।
उन्होंने रमन का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "आपने कहा, 'अब तुम वो करो जो तुम करना चाहती हो', और मैं अपनी बल्लेबाजी का आनंद लेना चाहती हूँ। इसके लिए धन्यवाद।"
बिना दबाव के खेलना
मैच के बाद हरमनप्रीत ने बताया कि उनका मुख्य लक्ष्य क्रीज पर समय बिताना और बिना किसी दबाव के खेलना था। उन्होंने 10 चौके और 5 छक्के लगाकर भारत को 216/7 के स्कोर तक पहुँचाया, जिससे भारत ने 92 रनों से जीत हासिल की और सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया।
अपनी पारी के बारे में उन्होंने कहा, "जब मैंने पहली गेंद पर चौका मारा, तभी मुझे पता चला कि पिच अच्छी है। उस शॉट ने मुझे आत्मविश्वास दिया और मैंने खुलकर खेलना जारी रखा।"
नई शुरुआत का संकेत
जिम्बाब्वे सीरीज से पहले हरमनप्रीत ने सभी प्रारूपों में भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ दी थी, जिसके बाद स्मृति मंधाना को नया कप्तान बनाया गया। कप्तानी का बोझ हटने के बाद, 37 वर्षीय इस दिग्गज खिलाड़ी के लिए यह पारी आत्मविश्वास को पुनर्स्थापित करने वाली साबित हुई।
भारत के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है, क्योंकि टीम को आगे कई महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय सीरीज खेलनी हैं। हरमनप्रीत 23 अक्टूबर से वडोदरा में शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज में अपनी लय को बनाए रखना चाहेंगी।
