हरभजन सिंह ने सुरक्षा बहाली के लिए हाईकोर्ट में दायर की याचिका
पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने पंजाब सरकार के द्वारा उनकी सुरक्षा वापस लेने के निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि उनकी सुरक्षा को पुनः बहाल किया जाए। याचिका में उन्होंने एक गंभीर घटना का उल्लेख किया है, जिसमें उनके घर के बाहर भीड़ ने हमला करने की कोशिश की और उनकी दीवार पर 'गद्दार' लिखा गया। अदालत ने सरकार से सुरक्षा समीक्षा के आधार पर सवाल उठाए हैं। जानें इस मामले में क्या हो रहा है और हरभजन सिंह का राजनीतिक सफर कैसे प्रभावित हुआ है।
| May 1, 2026, 17:26 IST
हरभजन सिंह की सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट में याचिका
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने पंजाब सरकार के द्वारा उनकी सुरक्षा वापस लेने के निर्णय के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि उनकी सुरक्षा को पुनः बहाल किया जाए। हरभजन ने यह भी पूछा है कि किस आधार पर और किन कारणों से उनकी सुरक्षा अचानक समाप्त की गई।
घर पर हमले और 'गद्दार' लिखे जाने की घटना
अपनी याचिका में हरभजन सिंह ने एक गंभीर घटना का उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में उनके घर के बाहर एक भीड़ ने हमला करने का प्रयास किया और उनकी दीवार पर 'गद्दार' लिख दिया गया। उन्होंने अदालत से मांग की है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद से उनकी सुरक्षा को लेकर चर्चाएं बढ़ गई हैं।
कोर्ट ने सरकार से पूछे महत्वपूर्ण सवाल
हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने सरकार से पूछा है कि सुरक्षा की समीक्षा किस आधार पर की गई और इसे हटाने का निर्णय क्यों लिया गया? इसके साथ ही, घर के बाहर 'गद्दार' लिखे जाने पर अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी गई है। अदालत ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
हरभजन सिंह का राजनीतिक सफर
यह ध्यान देने योग्य है कि हरभजन सिंह 2022 में आम आदमी पार्टी के माध्यम से राज्यसभा पहुंचे थे। हालांकि, 24 अप्रैल को उन्होंने राघव चड्ढा और अन्य 'आप' सदस्यों के साथ पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। इस राजनीतिक परिवर्तन के कुछ समय बाद ही उनकी सुरक्षा को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है।
