हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल गिरने से छह श्रमिकों की मौत, राहत कार्य जारी

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरने से छह श्रमिकों की जान चली गई है। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोग अभी भी फंसे हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। जानें इस हादसे के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल गिरने से छह श्रमिकों की मौत, राहत कार्य जारी gyanhigyan

हमीरपुर में भयंकर हादसा

हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक गंभीर घटना घटी जब बेतवा नदी पर बन रहे एक निर्माणाधीन पुल का बड़ा स्लैब अचानक गिर गया। इस हादसे में कई श्रमिक मलबे में दब गए। अब तक छह श्रमिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि तीन लोग अभी भी पुल के खंभे पर फंसे हुए हैं।


रात दो बजे मिली सूचना, प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की

हमीरपुर के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि 28 और 29 मई की रात लगभग 2 बजे सूचना मिली कि थाना लालपुर क्षेत्र में मोराकंदर और कुरारा की मवाईजार गाँवों को जोड़ने वाले पुल का एक भारी स्लैब गिर गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गए।


खंभे पर फंसे लोगों को बचाने की कोशिश

एएसपी ने कहा कि राहत कार्य में एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। फिलहाल तीन लोग पुल के खंभे पर फंसे हुए हैं और उन्हें सुरक्षित निकालने का प्रयास किया जा रहा है। मलबे में दबे छह लोगों में से पांच की पहचान हो चुकी है।


मृतकों की पहचान और हादसे का कारण

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतकों में बांदा और हमीरपुर के श्रमिक शामिल हैं। ये सभी श्रमिक पुल के नीचे सो रहे थे जब तेज आंधी-तूफान के कारण ढांचा गिर गया। बताया जा रहा है कि इस पुल का निर्माण राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद के प्रयासों से किया जा रहा था।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संवेदनशीलता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि हमीरपुर में हुई इस दुर्घटना में जनहानि अत्यंत दुखद है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की।


राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश

सीएम ने जिला प्रशासन को एसडीआरएफ के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों से संवाद स्थापित कर उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने का भी आदेश दिया।