हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल गिरने से छह मजदूरों की मौत

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक निर्माणाधीन पुल के गिरने से छह मजदूरों की जान चली गई। तेज आंधी और तूफान के कारण यह हादसा हुआ, जिसमें तीन मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया। मृतकों की पहचान हो गई है और स्थानीय लोगों ने निर्माण में लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है और मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ दी है।
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हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल गिरने से छह मजदूरों की मौत gyanhigyan

हमीरपुर में पुल गिरने का हादसा

हमीरपुर पुल दुर्घटना: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक निर्माणाधीन पुल के गिरने से एक गंभीर घटना घटित हुई है। तेज आंधी और तूफान के दौरान पुल का एक पिलर और लगभग 25 मीटर लंबा स्लैब नदी में गिर गया। इस हादसे में छह मजदूरों की दुखद मृत्यु हो गई, जबकि तीन अन्य मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।


हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल गिरने से छह मजदूरों की मौत
92 करोड़ का प्रोजेक्ट, 50 गांवों को फायदा…अब हादसे में 6 मौतें; UP के हमीरपुर में गिरे पुल की कहानी


मोराकांदर गांव के निकट उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के अधीन द सॉल्टर कंपनी बेतवा नदी पर पुल का निर्माण कर रही है। इस पुल की लागत लगभग 92 करोड़ रुपये है और इसकी लंबाई करीब 700 मीटर है। निर्माण कार्य मार्च 2024 में शुरू हुआ था और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस पुल के बन जाने से हमीरपुर के कुडौरा, मोराकांदर, छानी, बेरी, कुरारा सहित लगभग 50 गांवों के निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा।


मौसम ने लिया मजदूरों को चौंका

शुक्रवार की सुबह लगभग तीन बजे मौसम अचानक बिगड़ गया। तेज आंधी और बारिश के बीच पुल की सटरिंग, स्लैब और एक पिलर अचानक गिर गया। उस समय कुछ मजदूर पुल पर काम कर रहे थे, जबकि अन्य आराम कर रहे थे। यह हादसा इतना अचानक हुआ कि मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला। कुछ मजदूर जान बचाने के लिए भागे, जबकि कुछ क्रेन की केबिन में छिप गए।


घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने SDRF टीम की सहायता से बचाव कार्य शुरू किया। पुल पर फंसे तीन मजदूरों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया, जबकि मलबे में दबे छह शवों को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।


मृतकों की पहचान और परिवार की स्थिति

मृतकों की पहचान बांदा जिले के चिल्ला थाना क्षेत्र के लोकेंद्र निषाद, कुलदीप निषाद, भूरागढ़ के सावंत यादव, सभाजीत, हमीरपुर के स्वासा खुर्द के पुष्पेंद्र सिंह चौहान और अचपुरा के 42 वर्षीय राजेश पाल के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के घरों में शोक की लहर दौड़ गई। राजेश पाल की बेटी शिवानी ने बताया कि उनके पिता परिवार के एकमात्र कमाने वाले थे, और अब उनका परिवार भुखमरी की कगार पर है।


निर्माण में लापरवाही का आरोप

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पुल के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया था और लापरवाही बरती गई थी। घटना के बाद पुल के पास हजारों ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई, जिन्हें हटाने में पुलिस को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा।



डीएम अभिषेक गोयल ने कहा कि पूरी घटना की जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही प्रशासन को राहत और बचाव कार्य को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।