हमीरपुर में जानलेवा पशु बीमारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान
हमीरपुर में टीकाकरण अभियान की शुरुआत
हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश), 3 अगस्त: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में गायों और भैंसों में फैलने वाली एक गंभीर बीमारी के खिलाफ व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने सोमवार को जानकारी दी कि यह बीमारी संक्रमित पशुओं की जान केवल आठ घंटे में ले सकती है। अब तक लगभग 12,000 पशुओं को ‘हेमोरेजिक सेप्टीसीमिया’ (एचएस) के खिलाफ टीका लगाया जा चुका है।
एचएस बीमारी का विवरण
पशुपालन विभाग इस अभियान को एचएस से पशुधन की सुरक्षा के लिए संचालित कर रहा है। इसे आमतौर पर ‘गलघोटू’ के नाम से जाना जाता है, जो एक घातक बैक्टीरियल रोग है, जो गायों और भैंसों को प्रभावित करता है।
बीमारी के लक्षण और टीकाकरण का महत्व
विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस बीमारी के लक्षणों में पशु को तेज बुखार और गले में गंभीर सूजन शामिल हैं, जिसके कारण कई मामलों में आठ से 24 घंटे के भीतर मौत हो सकती है। हमीरपुर के पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुजय शर्मा ने कहा, ‘‘पशुपालकों को अपनी गायों और भैंसों का समय पर टीकाकरण कराना चाहिए। सही समय पर टीका लगवाने से हेमोरैजिक सेप्टीसीमिया जैसी जानलेवा बीमारियों से पशुओं की रक्षा में मदद मिलती है।’’
टीकाकरण अभियान की प्रक्रिया
जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से निःशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। विभाग को इस अभियान के लिए लगभग 60,000 टीकों की खुराक प्राप्त हुई है, और यह अभियान पूरे अगस्त महीने तक जारी रहेगा। अधिकारियों ने बताया कि मानसून के दौरान एचएस तेजी से फैलता है, और समय पर इलाज या टीकाकरण न होने पर पशुओं की मृत्यु हो सकती है। इसलिए, टीकाकरण को इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।
