हड्डियों के लिए कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत: चीज़
कैल्शियम की आवश्यकता और चीज़ का महत्व
नारी डेस्क: हड्डियों को मजबूत रखने के लिए दूध का सेवन करने की सलाह दी जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दूध के अलावा भी कई अन्य खाद्य पदार्थ हैं जिनमें कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है? यदि इन्हें सही मात्रा में लिया जाए, तो ये ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों से बचाने में मदद कर सकते हैं।
इंटरनेशनल ऑस्टियोपोरोसिस फाउंडेशन (IOF) के अनुसार, चीज़ कैल्शियम का एक उत्कृष्ट और सरल स्रोत है। आइए जानते हैं कि चीज़ में दूध की तुलना में कितना अधिक कैल्शियम होता है और कौन-सी चीज़ आपके लिए सबसे लाभकारी है।
कैल्शियम की दैनिक आवश्यकता
पुरुष (19 से 70 वर्ष): लगभग 1000 mg कैल्शियम की आवश्यकता होती है।
महिलाएं: महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा अधिक होता है, इसलिए उन्हें प्रतिदिन लगभग 1200 mg कैल्शियम की आवश्यकता होती है।
कैल्शियम की कमी से हड्डियों में कमजोरी आ सकती है और फ्रैक्चर का जोखिम बढ़ जाता है।
दूध और चीज़ में कैल्शियम की मात्रा
200 ml गाय-भैंस का दूध: लगभग 240 mg कैल्शियम
200 ml भेड़ का दूध: लगभग 380 mg कैल्शियम
30 ग्राम हार्ड चीज़: लगभग 240 mg कैल्शियम
इसका अर्थ है कि 30 ग्राम चीज़ का सेवन करने से आप उतना ही कैल्शियम प्राप्त कर सकते हैं जितना 200 ml दूध से मिलता है।
कौन-सी चीज़ सबसे फायदेमंद है?
चीज़ के विभिन्न प्रकार होते हैं और इनमें कैल्शियम की मात्रा भिन्न होती है। यहाँ कुछ प्रमुख चीज़ों में कैल्शियम की मात्रा दी गई है:
200 ग्राम ताजा चीज़ (कॉटेज, रिकोटा, मैस्करपोन) में 138 mg, 60 ग्राम Camembert, Brie जैसी सॉफ्ट चीज़ में 240 mg, 60 ग्राम फेटा चीज़ में 270 mg, 60 ग्राम मोजरेला में 242 mg, और 30 ग्राम क्रीम चीज़ में 180 mg कैल्शियम होता है।
विटामिन D का महत्व
केवल कैल्शियम का सेवन करने से हड्डियाँ मजबूत नहीं होतीं। शरीर को कैल्शियम को सही तरीके से अवशोषित करने के लिए विटामिन D की आवश्यकता होती है। यदि विटामिन D की कमी हो, तो कैल्शियम का प्रभाव कम हो जाता है।
धूप सबसे अच्छा स्रोत है: रोजाना 15-20 मिनट की हल्की धूप से शरीर को नैचुरल विटामिन D मिलता है।
खानपान से भी पूरा करें: अंडा, मशरूम, दूध और दही जैसे फोर्टिफाइड फूड का सेवन करें।
जरूरत हो तो सप्लीमेंट लें: यदि धूप और डाइट से पर्याप्त विटामिन D नहीं मिल रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर सप्लीमेंट लेना फायदेमंद हो सकता है।
किसे विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है?
कुछ व्यक्तियों को कैल्शियम और विटामिन D पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि उनमें हड्डियों से जुड़ी समस्याएं जल्दी हो सकती हैं।
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं: इस समय बच्चे के विकास के लिए अधिक कैल्शियम की आवश्यकता होती है।
बुजुर्ग लोग (50+): उम्र बढ़ने के साथ हड्डियाँ कमजोर होने लगती हैं।
मेनोपॉज के बाद की महिलाएं: इस उम्र में हड्डियों का घनत्व तेजी से घटता है, जिससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है।
कैल्शियम की कमी के लक्षण वाले लोग: जिनको बार-बार हड्डी या जोड़ों में दर्द होता है, उन्हें भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।
दूध के विकल्प
यदि आप रोज दूध नहीं पी सकते हैं, तो चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। अपनी डाइट में रोजाना 30-60 ग्राम हार्ड चीज़ या अन्य उच्च कैल्शियम वाली चीज़ें शामिल करें। इससे आपकी हड्डियाँ मजबूत रहेंगी, फ्रैक्चर का खतरा कम होगा और ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव होगा।
