स्वाति मालीवाल ने आम आदमी पार्टी से दिया इस्तीफा, भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के आरोप
स्वाति मालीवाल का इस्तीफा
स्वाति मालीवाल ने आम आदमी पार्टी से अपने इस्तीफे की घोषणा की है, जिसमें उन्होंने पार्टी नेतृत्व और उसके कार्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक बयान में, मालीवाल ने अपनी राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि 2006 में उन्होंने राष्ट्रीय सेवा के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी थी। आरटीआई आंदोलन, अन्ना आंदोलन, आम आदमी पार्टी की स्थापना और दिल्ली महिला आयोग में आठ वर्षों के समर्पित कार्य के दौरान, उन्होंने हर स्तर पर ईमानदारी और निष्ठा से योगदान दिया।
पार्टी के मूल्यों से भटकाव
मालीवाल ने कहा कि जिन सिद्धांतों और मूल्यों के साथ उन्होंने यह यात्रा शुरू की थी, आज उन्हें यह बताते हुए दुख हो रहा है कि अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी उन आदर्शों से भटक गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ केजरीवाल के आवास पर मारपीट और अभद्रता की गई। मालीवाल ने कहा कि उन्हें बर्बाद करने की धमकियाँ दी गईं और गुंडा तत्वों को बढ़ावा दिया गया।
भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के आरोप
स्वाति मालीवाल ने कहा कि केजरीवाल के संरक्षण में आम आदमी पार्टी में बढ़ते भ्रष्टाचार, महिलाओं के साथ उत्पीड़न और मारपीट की घटनाओं को देखते हुए उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया। वह इस समय संसदीय समिति की बैठक के लिए इटानगर में थीं और दिल्ली लौटने के बाद इस विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगी।
सात सांसदों का भाजपा में विलय
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की। आम आदमी पार्टी के दो तिहाई सांसदों ने भाजपा में विलय की घोषणा की है। राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आज, भारत के संविधान के प्रावधानों का उपयोग करते हुए, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने भाजपा में विलय कर लिया है।
स्वाति मालीवाल का ट्वीट
साल 2006 में अपनी नौकरी छोड़कर मैंने देश सेवा का मार्ग चुना था। RTI आंदोलन, अन्ना आंदोलन, आम आदमी पार्टी के गठन और दिल्ली महिला आयोग में 8 साल निष्ठापूर्वक काम करते हुए, मैंने हर चरण में पूरी ईमानदारी और समर्पण से योगदान दिया।
— Swati Maliwal (@SwatiJaiHind) April 24, 2026
जिन सिद्धांतों, मूल्यों और ईमानदार राजनीति के संकल्प…
