स्मृति ईरानी ने NEET पेपर लीक पर छात्रों के विरोध को खारिज किया

भाजपा की वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी ने NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शनों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे पर त्वरित और प्रभावी कदम उठाए हैं। ईरानी ने यह भी स्पष्ट किया कि युवाओं और सरकार के बीच कोई दूरी नहीं है, बल्कि सरकार उनकी चिंताओं को गंभीरता से ले रही है। उनका कहना था कि संसद में कानून पारित होना और प्रधानमंत्री का संवाद इस बात का प्रमाण है कि सरकार सक्रिय है।
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स्मृति ईरानी का बयान

भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी ने NEET पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों को लेकर उठाए गए सवालों को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि यह धारणा कि 'जेनरेशन Z' और नरेंद्र मोदी सरकार के बीच दूरी बढ़ रही है, गलत है। ईरानी ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई की है, जिसमें कानून बनाना, संवाद स्थापित करना और प्रधानमंत्री का सीधा संवाद शामिल है।


उन्होंने यह भी बताया कि संसद में पेपर लीक विरोधी कानून का पारित होना और इंस्टाग्राम पर छात्रों के लिए प्रधानमंत्री मोदी की हालिया अपील यह दर्शाती है कि सरकार युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है।


युवाओं और सरकार के बीच संबंध

जब ईरानी से पूछा गया कि क्या छात्र-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन युवाओं और सरकार के बीच बढ़ती खाई को दर्शाते हैं, तो उन्होंने इस विचार को खारिज कर दिया। उनका कहना था कि सरकार की प्रतिक्रिया इस धारणा के विपरीत है। उन्होंने बताया कि संसद ने गहन विचार-विमर्श के बाद कागज़ लीक रोधी विधेयक पारित किया और प्रधानमंत्री का संदेश रचनात्मक सहयोग का प्रतीक है।


ईरानी ने यह भी कहा कि यह संसद का अपमान है जब कोई यह कहता है कि इस मुद्दे को केवल सतही तौर पर सुलझाया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने एक टास्क फ़ोर्स का गठन किया है, कानून पारित किया है और युवा नागरिकों से सीधे संवाद किया है। इसके अलावा, उन्होंने मीडिया पर आरोप लगाया कि वे जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं, जबकि झारखंड में छात्रों के आंदोलनों को नजरअंदाज कर रहे हैं।