स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय मर्चेंट नेवी की बहादुरी की कहानी
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: खतरनाक यात्रा का अनुभव
नई दिल्ली/वडीनार: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के बीच, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब एक खतरनाक क्षेत्र बन चुका है, जहां ड्रोन, मिसाइल और खदानों का खतरा हर जहाज पर मंडरा रहा है। इस संदर्भ में, भारतीय मर्चेंट नेवी के एक साहसी अधिकारी ने LPG टैंकर 'नंदा देवी' की एक डरावनी यात्रा की सच्चाई साझा की, जिसमें वे 46,500 मीट्रिक टन LPG लेकर सुरक्षित भारत लौटे। चीफ ऑफिसर (नाम गोपनीय) ने एक साक्षात्कार में बताया, "ड्रोन और मिसाइलों का खतरा हर पल हमारे साथ था... आसमान में मिसाइलें देखी जा रही थीं, दिल की धड़कन तेज थी, लेकिन हमें अपनी ड्यूटी निभानी थी।"
खतरनाक स्थिति: ऑफिसर की नजरों से
'नंदा देवी' (जो कि शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का जहाज है) कतर से LPG लेकर निकला था। मार्च 2026 की शुरुआत में, जब युद्ध अपने चरम पर था, होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही लगभग बंद हो गई थी। ईरान ने कई जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए थे, जिसमें कम से कम दो सीफेयर की जान गई थी। इंश्योरेंस कंपनियों ने जहाजों को कवर करने से मना कर दिया था, और कई क्रू मेंबर डर के मारे इस्तीफा देने को तैयार थे।
आसमान में मिसाइलों का खतरा
चीफ ऑफिसर ने कहा, "रात के 2 बजे के आसपास जब हम स्ट्रेट के सबसे संकरे हिस्से से गुजर रहे थे, तभी आसमान में चमकती रोशनी दिखी। हमें समझ में आ गया कि मिसाइलें आ रही हैं। कैप्टन ने तुरंत अलर्ट किया और सभी क्रू को सुरक्षित स्थान पर भेजा। हमारा जहाज LPG से भरा था—एक छोटा सा हमला भी तबाही मचा सकता था।"
भारतीय और ईरानी नेवी का सहयोग
उन्होंने आगे कहा, "ड्रोन की आवाज सुनाई दे रही थी, रडार पर अनजान वस्तुएं दिख रही थीं। हम भारतीय और ईरानी नेवी के साथ लगातार संपर्क में थे। भारतीय नेवी ने हमें मार्गदर्शन किया, जबकि ईरानी नेवी ने कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से 'सेफ पैसेज' प्रदान किया। उनके बिना गुजरना असंभव था।"
सुरक्षित यात्रा का समापन
ऑफिसर ने क्रू की ओर से भारतीय नेवी, शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और ईरानी नेवी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, "हमने देखा कि कैसे भारतीय डिस्ट्रॉयर जहाज हमें एस्कॉर्ट कर रहे थे। ईरान ने भी न्यूट्रल जहाजों को कुछ राहत दी, लेकिन खतरा कम नहीं हुआ। हम 27 क्रू मेंबर्स थे—सबके परिवार भारत में इंतजार कर रहे थे। डर था कि कहीं LPG लीक न हो जाए या हमला न हो जाए।"
भारत की ऊर्जा सुरक्षा: ड्यूटी का महत्व
यह यात्रा 14 से 17 मार्च 2026 के बीच पूरी हुई। 'नंदा देवी' वडीनार (गुजरात) पोर्ट पर सुरक्षित पहुंचा, जहां डीपेंडयाल पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन ने क्रू से मुलाकात की और उनकी बहादुरी की सराहना की। इससे पहले 'शिवालिक' नाम का दूसरा LPG टैंकर भी इसी रास्ते से गुजरा था। दोनों जहाजों ने मिलकर लगभग 93,000 मीट्रिक टन LPG भारत लाया, जो देश में LPG संकट के बीच एक बड़ी राहत साबित हुआ।
ड्यूटी और देशभक्ति की मिसाल
ऑफिसर ने भावुक होकर कहा, "हम मर्चेंट नेवी हैं—हम युद्ध नहीं लड़ते, लेकिन देश की जरूरतों के लिए जान जोखिम में डालते हैं। डर था, लेकिन विश्वास था कि भारत हमें अकेला नहीं छोड़ेगा। हम संकट के समय भी LPG लाते रहेंगे। ट्रस्ट अस!"
यह कहानी भारतीय मर्चेंट नेवी की बहादुरी और कूटनीति की जीत है। होर्मुज स्ट्रेट अब भी खतरनाक है—जहां ईरान ने $2 मिलियन टोल सिस्टम लागू किया है और कई जहाज फंसे हुए हैं। लेकिन 'नंदा देवी' के क्रू ने साबित कर दिया कि डर के साये में भी ड्यूटी और देशभक्ति सबसे ऊपर है।
