सोशल मीडिया पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का दावा फर्जी निकला

सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का दावा तेजी से फैल रहा था, जिसे सरकार ने फर्जी करार दिया है। पीआईबी ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई आधिकारिक आदेश नहीं है। इस वायरल संदेश ने लोगों में चिंता पैदा की, लेकिन सरकार ने जनता को सतर्क रहने और बिना पुष्टि के किसी भी जानकारी पर विश्वास न करने की सलाह दी है। जानें इस मामले में और क्या कहा गया है।
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सोशल मीडिया पर फैल रहा फर्जी दावा

एक वायरल संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें कहा गया है कि पेट्रोल की कीमतों में 10 रुपये और डीजल की कीमतों में 12.50 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। इस दावे का खंडन करते हुए, सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यह जानकारी गलत है। पीआईबी फैक्ट चेक ने बताया कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) द्वारा ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। वायरल संदेश में एक आदेश का उल्लेख किया गया है, जिसमें यह दावा किया गया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः ₹10 और ₹12.50 की वृद्धि की गई है। पीआईबी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह आदेश पूरी तरह से फर्जी है।


अफवाह का स्रोत

वास्तव में, सोशल मीडिया पर एक कथित सरकारी आदेश का स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल हो रहा था। इस फर्जी स्क्रीनशॉट में यह दावा किया गया था कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होने वाली है। चूंकि ईंधन की कीमतें आम जनता की जेब से जुड़ी होती हैं, इसलिए इस संदेश ने लोगों में भ्रम और चिंता पैदा कर दी।


सरकार की चेतावनी

सरकार और प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इस वायरल दावे का खंडन करते हुए जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। सरकार ने कहा है कि किसी भी खबर या वायरल संदेश पर विश्वास करने से पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से अवश्य कर लें। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव से संबंधित कोई भी निर्णय हमेशा संबंधित मंत्रालय या अधिकृत सरकारी चैनलों के माध्यम से ही जारी किया जाता है। पीआईबी ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली ऐसी झूठी खबरें समाज में अनावश्यक घबराहट और अफरातफरी का माहौल पैदा करती हैं। इसलिए, यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह समझदारी से काम लें और किसी भी संदिग्ध या भ्रामक जानकारी को बिना सत्यापन के आगे न बढ़ाएं।