सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में भाग लेने की अपील करते अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों से ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने इस पर्व के माध्यम से सनातन संस्कृति की महत्ता और मंदिर की ऐतिहासिकता को उजागर किया। शाह ने बताया कि यह पर्व 11 जनवरी तक चलेगा और इसका उद्देश्य भावी पीढ़ियों तक संस्कृति का संदेश पहुंचाना है। जानें इस पर्व के बारे में और अधिक जानकारी।
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सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में भाग लेने की अपील करते अमित शाह

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का महत्व

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों से आग्रह किया है कि वे बृहस्पतिवार से आरंभ हुए तीन दिवसीय ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में सक्रिय रूप से भाग लें। शाह स्वयं सोमनाथ महादेव मंदिर के न्यासी हैं।


शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक संदेश में लिखा, ‘‘सोमनाथ महादेव मंदिर केवल ज्योतिर्लिंग नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक गौरव की एक अमिट धरोहर भी है। पिछले हजार वर्षों में इस मंदिर पर कई बार हमले हुए, लेकिन यह हर बार पुनः खड़ा हुआ। यह हमारी सभ्यता की अमरता और हार न मानने की दृढ़ता का प्रतीक है।’’


उन्होंने आगे कहा, ‘‘जिन्होंने इसे मिटाने की कोशिश की, उनके नामों का अस्तित्व मिट गया, लेकिन यह मंदिर आज और भी अधिक वैभव के साथ खड़ा है।’’ केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘सोमनाथ मंदिर की ऐतिहासिकता यह दर्शाती है कि ऐसे हमले हमें क्षति पहुंचा सकते हैं, लेकिन हमें मिटा नहीं सकते, क्योंकि हर बार यह और भी भव्यता के साथ पुनर्जीवित होता है, जो सनातन संस्कृति की मूल प्रवृत्ति है।’’


उन्होंने यह भी बताया कि ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले की एक हजारवीं वर्षगांठ पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाने का निर्णय लिया है, ताकि हमारी भावी पीढ़ियों तक सनातन संस्कृति की निरंतरता और जीवटता का संदेश पहुंच सके।’’


शाह ने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि वे गुजरात के वेरावल स्थित इस पवित्र मंदिर के न्यासी हैं। उन्होंने सभी देशवासियों से अनुरोध किया कि वे 11 जनवरी तक चलने वाले सोमनाथ स्वाभिमान पर्व से जुड़ें।