सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: ऐतिहासिक मंदिर की पुनर्निर्माण यात्रा का उत्सव
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का उद्घाटन
सोमनाथ मंदिर, जो अपनी ऐतिहासिकता के लिए प्रसिद्ध है, बुधवार को 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के साथ एक नई रोशनी में जगमगा उठा। इस तीन दिवसीय उत्सव में अरब सागर के ऊपर एक भव्य ड्रोन शो का आयोजन किया गया, जो मंदिर के पुनर्निर्माण और लचीलेपन की याद दिलाता है, भले ही इसे महमूद गजनवी द्वारा बार-बार लूट का सामना करना पड़ा हो। राज्य सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री जीतू वाघाणी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जनवरी की शाम को इस समारोह में शामिल होने के लिए सोमनाथ पहुंचेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह पर्व उन सभी महान व्यक्तियों को याद करने का अवसर है, जिन्होंने अपने सिद्धांतों और मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, 'जय सोमनाथ! आज से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शुरुआत हो रही है। एक हजार वर्ष पहले, जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर पर पहला आक्रमण हुआ था। इस हमले ने हमारी आस्था को कमजोर नहीं किया, बल्कि हमारी सांस्कृतिक एकता को और मजबूत किया।'
सोमनाथ की यात्रा की यादें
प्रधानमंत्री मोदी 11 जनवरी को इस पर्व में भाग लेंगे। उन्होंने अपनी पिछली यात्राओं की तस्वीरें साझा करते हुए देशवासियों से अपील की कि वे भी अपनी तस्वीरें 'हैशटैग सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के साथ साझा करें। मोदी ने कहा, 'यह पर्व उन सपूतों को याद करने का है, जिन्होंने कठिन समय में भी अपने संकल्प को नहीं छोड़ा।' उन्होंने 31 अक्टूबर 2001 को आयोजित एक कार्यक्रम की याद दिलाई, जब सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 50 वर्ष पूरे हुए थे। इस समारोह में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी की उपस्थिति भी उल्लेखनीय थी।
