सोमनाथ मंदिर पर हमले का महत्व: अमित शाह का बयान
सोमनाथ मंदिर का ऐतिहासिक महत्व
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले को देश की धार्मिक आस्था और आत्मसम्मान पर हमला माना जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मंदिर ने कई बार ध्वस्त होने के बावजूद यह साबित किया है कि सनातन धर्म को कमजोर करना आसान नहीं है। शाह ने यह घोषणा की कि पूरे वर्ष को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जाएगा।
मानसा नगरपालिका में विभिन्न विकास कार्यों के उद्घाटन और शिलान्यास समारोह में उपस्थित शाह ने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर हमले ऐतिहासिक दृष्टि से देश की धार्मिक आस्था और आत्मसम्मान पर प्रहार के रूप में देखे जाते हैं, लेकिन ये प्रयास सनातन धर्म को कमजोर करने में असफल रहे हैं।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आयोजन
शाह ने बताया कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस पर्व के दौरान, सोमनाथ पर हुए हमले को आत्मसम्मान और धर्म पर हमला माना गया और इसकी रक्षा की गई। 16 बार नष्ट होने के बावजूद, भव्य सोमनाथ मंदिर आज भी मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि मंदिर की स्थायी उपस्थिति विश्व को एक मजबूत संदेश देती है कि सनातन धर्म और भारत के लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाना आसान नहीं है।
गुजरात सरकार ने जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सोमनाथ में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का उत्सव 15 जनवरी तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में 8 से 11 जनवरी तक इस पर्व का भव्य आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि लोगों की भगवान भोलेनाथ में आस्था और भक्ति को देखते हुए, इस पर्व से अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिलना चाहिए।
शौर्य यात्रा में भागीदारी
विज्ञप्ति के अनुसार, कृषि मंत्री जीतूभाई वाघानी ने बताया कि प्रधानमंत्री की प्रेरणादायक उपस्थिति में सोमनाथ में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' ऐतिहासिक रूप से मनाया जा रहा है। इस पर्व के अंतर्गत, प्रधानमंत्री की प्रेरणादायक उपस्थिति में आयोजित 'शौर्य यात्रा' में एक लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया और श्रद्धालु भगवान शिव के प्रति अपनी भक्ति में लीन हो गए।
