सोने की खरीदारी में तेजी: ज्वेलरी दुकानों पर उमड़ी भीड़
सोने की ज्वेलरी की बढ़ती मांग
इन दिनों देशभर में ज्वेलरी स्टोर्स पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। विशेष रूप से शादी के लिए सोने की ज्वेलरी खरीदने वालों की संख्या में तेजी आई है। इसका मुख्य कारण यह माना जा रहा है कि लोगों को आशंका है कि सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के बाद GST भी महंगा हो सकता है या सरकार सोने की खरीद पर कुछ सख्त नियम लागू कर सकती है.
प्रधानमंत्री की अपील का असर
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से एक साल तक सोना खरीदने से बचने की सलाह दी थी, जिसके बाद बाजार में हलचल बढ़ गई है। इसके परिणामस्वरूप, कई लोग भविष्य की खरीदारी अभी से करने लगे हैं। ज्वेलरी व्यापारियों का कहना है कि पिछले दो दिनों में ब्राइडल ज्वेलरी की बिक्री में 15% से 20% की वृद्धि हुई है। बड़े ज्वेलरी शोरूम में प्रतिदिन लाखों रुपये की बिक्री हो रही है, और मुंबई के जवेरी बाजार से लेकर दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों तक सोने की खरीदारी में तेजी आई है। कई ग्राहक नवंबर-दिसंबर की शादियों के लिए भी पहले से ज्वेलरी खरीद रहे हैं.
अफवाहों का बाजार पर प्रभाव
बाजार में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ का मानना है कि सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के बाद सरकार GST भी बढ़ा सकती है। इसी अनिश्चितता के कारण लोग जल्दी से जल्दी खरीदारी करना चाहते हैं। ज्वेलर्स का कहना है कि फिलहाल सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन अफवाहों के चलते बाजार में पैनिक बाइंग का माहौल बन गया है.
भारतीय संस्कृति में सोने का महत्व
भारत में सोना केवल निवेश का साधन नहीं है, बल्कि यह परंपरा और सामाजिक प्रतिष्ठा से भी जुड़ा हुआ है। शादी और त्योहारों के अवसर पर सोने की खरीद को शुभ माना जाता है। यही कारण है कि लोग संभावित महंगाई या नियमों में बदलाव से पहले अपनी खरीदारी पूरी करना चाहते हैं.
सरकार से समय की मांग
ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल ने इस मुद्दे पर सरकार से चर्चा करने की मांग की है। उद्योग से जुड़े लोग चाहते हैं कि सरकार ऐसे उपाय निकाले जिससे देश में सोने के आयात पर निर्भरता कम हो और लोगों के पास मौजूद निष्क्रिय सोने को औपचारिक अर्थव्यवस्था में लाया जा सके.
