सोने और चांदी के दाम में गिरावट: अमेरिका-ईरान वार्ता का असर
सोने की कीमतों में गिरावट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ सीजफायर की घोषणा के बाद सोने की कीमतों में तेजी आई थी, लेकिन अब इसमें गिरावट देखी जा रही है। पाकिस्तान में आज अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के दाम में कमी आई है। यह गिरावट ट्रंप के उस बयान के कारण मानी जा रही है, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान केवल बातचीत के लिए जीवित है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि ईरान ने बात नहीं मानी, तो उसे अधिक घातक हथियारों का सामना करना पड़ेगा।
इसका प्रभाव यह हुआ कि सोने की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 11 डॉलर प्रति औंस गिरकर 4,751 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। चांदी की कीमतों में भी गिरावट आई है। कॉमेक्स मार्केट में सोने का दाम 47 डॉलर गिरकर 4,771 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ, जबकि चांदी की कीमत 0.413 डॉलर की मामूली गिरावट के साथ 76.025 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। यदि अमेरिका और ईरान के बीच सहमति बनती है, तो भविष्य में सोने की कीमतों में उछाल आ सकता है।
भारतीय बाजार पर प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुख के चलते भारतीय बाजार में भी सोने और चांदी के दाम में गिरावट की संभावना है। ईरान और अमेरिका की बातचीत के परिणामस्वरूप बाजार का रुख क्या होगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। शुक्रवार को भारत बुलियन ज्वेलर एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए रेट के अनुसार, 24 कैरेट सोना 150,327 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि 22 कैरेट सोना 149,725 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा। चांदी की कीमत भी बढ़कर 239,934 रुपये प्रति किलो हो गई।
मार्च में निवेश में कमी
केंद्रीय बैंकों द्वारा गोल्ड रिजर्व बढ़ाने के बावजूद, आम निवेशकों का सोने में निवेश करने का रुझान बना हुआ है। हालांकि, मार्च में गोल्ड ईटीएफ में निवेश जनवरी और फरवरी की तुलना में काफी कम रहा। मार्च में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) में केवल 2,266 करोड़ रुपये का इनफ्लो हुआ, जो फरवरी के 5,255 करोड़ रुपये और जनवरी के 24,040 करोड़ रुपये से काफी कम है।
सोने की कीमतों में संभावित वृद्धि
पृथ्वी फिनमार्ट के निदेशक मनोज कुमार जैन ने कहा कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रुकता है, तो सोने की कीमतों में तेजी आ सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि कोई बड़ी गिरावट आती है, तो निवेशक लॉन्ग टर्म के लिए निवेश कर सकते हैं। यदि आप एसआईपी के माध्यम से निवेश कर रहे हैं, तो इसे जारी रखें, भले ही बाजार में अस्थिरता हो। साल 2026 के अंत तक सोने की कीमतें दो लाख रुपये के करीब पहुंच सकती हैं।
क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की उम्मीद में क्रूड ऑयल की कीमतों में भी गिरावट देखी जा रही है। शनिवार सुबह WTI क्रूड 2 डॉलर प्रति बैरल से अधिक गिरकर 96.57 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 95.20 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यदि दोनों देशों के बीच सहमति बनती है, तो भविष्य में क्रूड की कीमतें और भी गिर सकती हैं।
