सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल जारी रखने का लिया निर्णय
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को समाप्त करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं, समर्थकों और कानूनी हस्तक्षेपों की बार-बार की अपीलों के बावजूद, सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर ऐसा करना गलत होगा। वांगचुक ने यह भी सवाल उठाया कि अगर वे अपना अनशन समाप्त करते हैं, तो क्या स्थिति में कोई बदलाव आएगा। उनका कहना है कि यदि वे कुछ खा लेते हैं, तो यह संदेश जाएगा कि सरकार को जवाबदेही की आवश्यकता नहीं है।
वीडियो संदेश में वांगचुक का बयान
बुधवार रात को जारी एक वीडियो में, भूख हड़ताल के 18वें दिन, वांगचुक ने कहा कि उन्हें कई अपीलें मिली हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें हजारों संदेश मिले हैं, जिनमें उनसे अनशन तोड़ने की गुजारिश की गई है। कई वरिष्ठ नेता उनसे मिलने आए और चिंता जताई। कुछ लोगों ने तो उन्हें खाना खिलाने के लिए अदालत का दरवाजा भी खटखटाया।
स्वास्थ्य की स्थिति
अपनी सेहत को लेकर उठ रही चिंताओं पर वांगचुक ने कहा कि मेडिकल जांच में किसी भी प्रकार के तत्काल खतरे का संकेत नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि उनकी स्थिति ऐसी नहीं है कि वे जल्द ही मर जाएं। 18 दिन के उपवास के बाद किए गए कई मेडिकल टेस्ट के परिणाम सामान्य हैं। ECG भी सामान्य है। उन्होंने कहा, "मैं इसे और कई दिनों तक जारी रख सकता हूँ।" हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया कि उन्हें कमजोरी महसूस हो रही है और उनकी मांसपेशियाँ कमजोर हो रही हैं।
समर्थकों के लिए अपील
वांगचुक ने अपने समर्थकों से अपील की कि वे 20 जुलाई को 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा आयोजित 'चलो संसद' मार्च में बड़ी संख्या में शामिल हों। उन्होंने सभी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से अनुरोध किया कि वे इस दिन को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 'अनुभवात्मक शिक्षा दिवस' के रूप में मनाएं, ताकि छात्रों को राजनीति और लोकतंत्र का वास्तविक अनुभव मिल सके।
