सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 23वें दिन में, छात्रों के समर्थन में जारी
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 23वां दिन
शिक्षा सुधारक और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने सोमवार को यह घोषणा की कि उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल अब 23वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। उन्होंने कहा कि वे प्रदर्शनकारी छात्रों के शांतिपूर्ण व्यवहार से प्रेरित हैं। X पर साझा किए गए एक हस्तलिखित नोट में, वांगचुक ने स्पष्ट किया कि वे तब तक उपवास जारी रखेंगे जब तक कि छात्र नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिलती या उन्हें अस्पताल में उनसे मिलने की इजाज़त नहीं दी जाती।
सरकार से अपील
वांगचुक ने सरकार और पुलिस से अनुरोध किया कि वे छात्रों को संसद में अपनी शिकायतें रखने की अनुमति देकर स्थिति का समाधान करें। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी और सरकार शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी तय करेगी। उन्होंने कहा कि वे उकसावे के बावजूद युवाओं द्वारा शांति बनाए रखने के तरीके से प्रभावित हैं और सरकार से अपील की कि वे छात्रों को संसद में अपनी शिकायतें रखने की अनुमति दें।
प्रदर्शनकारियों का समर्थन
उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि प्रदर्शनकारी शांति बनाए रखेंगे। वांगचुक ने लिखा कि उन्हें यकीन है कि युवा प्रदर्शनकारी कल भी धैर्य और सहनशीलता का परिचय देंगे। वे शिक्षा व्यवस्था में कथित नाकामियों, जैसे परीक्षा के पेपर लीक, के लिए जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। उनके विरोध को देशभर के छात्रों, युवा समूहों और नागरिक समाज संगठनों का समर्थन प्राप्त है। यह घटनाक्रम केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात के कुछ घंटों बाद सामने आया।
जेपी नड्डा की प्रतिक्रिया
जेपी नड्डा ने X पर लिखा कि आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों ने सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव रखा और हमारी बातचीत सुबह 11:50 बजे से शुरू हुई। बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रारंभिक मौखिक बातचीत विस्तार से हुई और उन्होंने शाम करीब 4 बजे मुझे एक लिखित ज्ञापन सौंपा। मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया है कि वे अपना धरना समाप्त करें और प्रशासन के साथ सहयोग करें।
