सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 19वें दिन में, स्वास्थ्य में गिरावट

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल अब 19वें दिन में प्रवेश कर चुकी है, जिसमें उनकी स्वास्थ्य स्थिति गंभीर होती जा रही है। NEET परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल ने राजनीतिक समर्थन भी जुटाया है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर सहित कई नेताओं ने उनसे अनशन खत्म करने की अपील की है। इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट में उनकी चिकित्सा सहायता के लिए जनहित याचिका दायर की गई है। जानें इस आंदोलन की पूरी कहानी और आगे की योजनाएं।
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सोनम वांगचुक की स्थिति

"मेरी स्थिति ठीक नहीं है, लेकिन बहुत गंभीर भी नहीं है," यह कहना था शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का, जो कल रात जंतर-मंतर से एक वीडियो संदेश में बोले। NEET परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल अब 19वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। यह आंदोलन 19 जून को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नामक एक ऑनलाइन व्यंग्यात्मक समूह द्वारा शुरू किया गया था, जिसका नेतृत्व अभिजीत दिपके कर रहे हैं, और यह अब एक बड़े जनांदोलन का रूप ले चुका है।


स्वास्थ्य की स्थिति

CJP द्वारा जारी किए गए नवीनतम मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, 59 वर्षीय वांगचुक "बहुत कमजोर" हैं और उन्हें 24 घंटे चिकित्सा निगरानी में रखा गया है। उनका वजन घटकर 57.15 किलोग्राम हो गया है, जो पिछले 24 घंटों में 400 ग्राम कम हुआ है। उपवास शुरू करने के बाद से उनका वजन लगभग 8.9 किलोग्राम घट चुका है।


उनका ब्लड प्रेशर 105/76 mmHg, ब्लड शुगर 80 mg/dL और ऑक्सीजन सैचुरेशन 97% दर्ज किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि वे होश में हैं और मानसिक रूप से सतर्क हैं, लेकिन उन्हें लगातार निगरानी की आवश्यकता है।


समर्थकों से अपील

वीडियो संदेश में वांगचुक ने अपने समर्थकों से अनुरोध किया कि वे उनसे उपवास खत्म करने के लिए न कहें, बल्कि 20 जुलाई को संसद तक आयोजित होने वाले "चलो संसद" मार्च में शामिल हों। उन्होंने कहा, "कृपया मुझसे उपवास तोड़ने के लिए न कहें, बल्कि मेरे साथ 20 जुलाई को शांतिपूर्ण मार्च में शामिल हों।"


अन्य प्रदर्शनकारी

इस विरोध प्रदर्शन में वांगचुक अकेले नहीं हैं। कई छात्र संगठनों के सदस्य भी जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर हैं। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के नेता नेहा, मनीष और आमीन ने खराब स्वास्थ्य के बावजूद अपना उपवास जारी रखा है। AISA ने बताया कि उपवास के दौरान नेहा का वजन 5.85 किलोग्राम कम हुआ है, जबकि मनीष और आमीन का वजन क्रमशः 8.2 किलोग्राम और 8.3 किलोग्राम कम हुआ है।


राजनीतिक समर्थन

इस विरोध प्रदर्शन को राजनीतिक समर्थन भी मिल रहा है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने वांगचुक से अपील की कि वे अपना अनशन खत्म करें। उन्होंने कहा कि इस अनशन ने "देश की अंतरात्मा को जगा दिया है" और छात्रों के मुद्दों को संसद में उठाने की आवश्यकता है।


इसके अलावा, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, और अन्य राजनीतिक नेताओं ने भी वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की है।


जनहित याचिका

दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें वांगचुक के लिए तत्काल चिकित्सा सहायता की मांग की गई है। याचिका में केंद्र और दिल्ली सरकार से उन्हें अस्पताल ले जाने और आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान करने का आग्रह किया गया है।


समर्थन का पत्र

सोमवार को 1,800 से अधिक कलाकारों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक खुला पत्र जारी कर प्रदर्शनकारियों की मांगों का समर्थन किया। पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और रत्ना पाठक शाह शामिल हैं।


आगे की योजना

CJP ने अपने अभियान को तेज करते हुए 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल होने की अपील की है। वे एक पारदर्शी परीक्षा प्रणाली, बार-बार पेपर लीक के लिए जवाबदेही और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।