सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी का ऑपरेशन सिंदूर पर महत्वपूर्ण बयान

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत के संकल्प और संयम का एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन बताया। उन्होंने एनसीसी कैडेटों के योगदान की सराहना की और युवाओं को राष्ट्रीय सुरक्षा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। जनरल द्विवेदी ने भविष्य के लिए आत्मनिर्भरता और नवाचार की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका संदेश है कि एकजुट होकर हम एक मजबूत और विकसित भारत का निर्माण कर सकते हैं।
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सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी का ऑपरेशन सिंदूर पर महत्वपूर्ण बयान

ऑपरेशन सिंदूर का महत्व

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत के संकल्प और संयम का एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन था, जिसने देश की सेना और युवाओं की नैतिक शक्ति और पेशेवर कौशल को उजागर किया। यह अभियान पिछले साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में छह से सात मई की रात को शुरू किया गया था, जिसमें लगभग 100 आतंकवादियों को समाप्त किया गया।


एनसीसी कैडेटों का योगदान

जनरल द्विवेदी ने गणतंत्र दिवस शिविर में एनसीसी कैडेटों को संबोधित करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने हमारे सशस्त्र बलों और युवाओं की क्षमता को दर्शाया। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि यह अभियान अभी भी जारी है और किसी भी दुश्मन की हरकत का कड़ा जवाब दिया जाएगा।


युवाओं की भूमिका

उन्होंने पिछले साल मई में हुई सैन्य कार्रवाई में एनसीसी के योगदान को याद करते हुए कहा कि इस दौरान 75,000 से अधिक एनसीसी कैडेटों ने नागरिक रक्षा, अस्पताल प्रबंधन, आपदा राहत और सामुदायिक सेवा में सक्रिय रूप से भाग लिया। जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय युवा अत्यंत सक्षम हैं और उन्हें अनुशासन और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है।


भविष्य की दिशा

सेना प्रमुख ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में सैन्य प्रकोष्ठ और तकनीकी क्लस्टर के साथ-साथ सैन्य इंटर्नशिप कार्यक्रमों की पहल का उल्लेख किया, जो 2025 और 2026 में शुरू होंगे। उन्होंने युवाओं को राष्ट्रीय सुरक्षा, नवाचार और विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए आमंत्रित किया। जनरल द्विवेदी ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का सपना केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसमें युवा नेताओं, एनसीसी कैडेटों और जिम्मेदार नागरिकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।


एकजुटता का संदेश

उन्होंने कहा, "आइए हम विश्वास के साथ आगे बढ़ें, अनुशासन के साथ कदम बढ़ाएं, ईमानदारी से नवाचार करें, और भविष्य के नेताओं के रूप में उभरें। हम सभी मिलकर एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित भारत का निर्माण करेंगे।"