सेना प्रमुख का पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश: ऑपरेशन सिंदूर जारी है

भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि भारत किसी भी दुस्साहस का प्रभावी तरीके से जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। जनरल द्विवेदी ने यह भी बताया कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी भर्ती लगभग समाप्त हो चुकी है, जो सुरक्षा बलों की निरंतर कार्रवाई का परिणाम है। उनका बयान यह दर्शाता है कि भारत अब किसी भी प्रकार की परमाणु धमकियों से प्रभावित नहीं होता और सेना हर स्थिति के लिए तैयार है।
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सेना प्रमुख का पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश: ऑपरेशन सिंदूर जारी है

सेना प्रमुख का बयान

जनरल उपेंद्र द्विवेदी, भारतीय सेना के प्रमुख, ने आज पाकिस्तान को एक स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी चल रहा है और किसी भी दुश्मन के दुस्साहस का प्रभावी तरीके से सामना किया जाएगा। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर स्थिति स्थिर है, लेकिन इस पर लगातार निगरानी रखना आवश्यक है। ऑपरेशन सिंदूर के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि इसने रणनीतिक सोच को पुनः आकार देने में मदद की है, क्योंकि भारतीय सेना ने आतंकवादी ढांचे को समाप्त करने और इस्लामाबाद की लंबे समय से चली आ रही परमाणु बयानबाजी को चुनौती देने के लिए गहराई तक हमला किया।


भविष्य के लिए तैयार

उन्होंने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है, और भविष्य में किसी भी दुस्साहस का दृढ़ता से जवाब दिया जाएगा।" जनरल द्विवेदी ने बताया कि यह अभियान सीमापार आतंकवाद के खिलाफ भारत का एक सोचा-समझा और मजबूत उत्तर है, जो तैयारी, सटीकता और रणनीतिक स्पष्टता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सेना ने अपने सैनिकों को इकट्ठा कर लिया था और वे जमीनी हमलों के लिए पूरी तरह तैयार थे। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, "उत्तरी मोर्चे पर स्थिति स्थिर है, लेकिन लगातार निगरानी की आवश्यकता है। नए संपर्क और विश्वास निर्माण के उपायों से स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।"


आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख

सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति संवेदनशील है, लेकिन पूरी तरह से नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि भारत जमीन से आक्रामक कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है और ऑपरेशन सिंदूर जारी है। यह बयान सीमा पार बैठे तंत्र के भ्रम को तोड़ने के लिए पर्याप्त है। जनरल द्विवेदी ने बताया कि सीमा के पार आठ आतंकवादी ठिकाने अब भी सक्रिय हैं और उन पर हर गतिविधि भारतीय निगरानी में है। यह चेतावनी है कि अब छिपने की कोई जगह नहीं है।


नए भारत की रणनीति

सेना प्रमुख ने आत्मविश्वास से कहा कि भारत जमीन से कार्रवाई के लिए तैयार है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ऑपरेशन सिंदूर कोई तात्कालिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि एक सुनियोजित सैन्य प्रक्रिया है। इसका अर्थ है कि सेना केवल नियंत्रण रेखा तक सीमित नहीं है, बल्कि गहराई तक विकल्प तैयार रखे हुए है। उन्होंने यह भी कहा कि परमाणु धमकियों का प्रभाव अब समाप्त हो चुका है। यह एक बड़ा संकेत है कि वर्षों से जिस डर को ढाल बनाकर दुस्साहस किया जाता रहा, वह अब कमजोर हो चुका है।


ड्रोन गतिविधियों पर ध्यान

सेना प्रमुख ने ड्रोन गतिविधियों पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ को अपने ड्रोन को नियंत्रित करने की चेतावनी दी गई है। यह संकेत करता है कि भविष्य में संघर्ष केवल जमीन तक सीमित नहीं रहेगा। हवाई और तकनीकी मोर्चे पर भी सेना पूरी तरह सतर्क है। ड्रोन अब केवल जासूसी उपकरण नहीं रहे, बल्कि हथियार बन चुके हैं और भारत इसे हल्के में नहीं लेगा।


आतंकवाद के खिलाफ सामाजिक बदलाव

सेना प्रमुख का यह बयान कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी भर्ती लगभग समाप्त हो चुकी है, एक महत्वपूर्ण सामाजिक और सामरिक संकेत है। यह दर्शाता है कि सुरक्षा बलों की निरंतर कार्रवाई और स्थानीय स्तर पर बदले माहौल का असर दिखने लगा है। जब भर्ती नहीं होगी, तो नेटवर्क सूखेगा और आतंक की उम्र खुद ब खुद घटेगी। यह बदलाव केवल सैन्य सफलता नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक विजय भी है।


सीधा संदेश

कुल मिलाकर, सेना प्रमुख का संदेश स्पष्ट है: भारत तैयार है, सतर्क है और निर्णायक है। जो इसे केवल शब्दों की बयानबाजी समझेगा, वह भारी भूल करेगा। यह चेतावनी नहीं, बल्कि यथार्थ है।