सूरत में परिवारिक त्रासदी: मासूम ने सुनाई दिल दहला देने वाली कहानी

गुजरात के सूरत में एक परिवार ने आत्महत्या कर ली, जिसमें दो मासूम बेटियों की जान चली गई। घटना के बाद एक 7 साल की बच्ची बच गई, जिसने दिल दहला देने वाली कहानी सुनाई। उसने बताया कि उसके माता-पिता किसी कॉपी में कुछ लिख रहे थे और उसे कुछ पीने के लिए दिया था। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। जानें इस त्रासदी के पीछे की वजह और मासूम की स्थिति के बारे में।
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सूरत में परिवारिक त्रासदी: मासूम ने सुनाई दिल दहला देने वाली कहानी

सूरत में हुई दर्दनाक घटना

सूरत में परिवारिक त्रासदी: मासूम ने सुनाई दिल दहला देने वाली कहानी


24 फरवरी की सुबह, गुजरात के सूरत शहर के वेसू इलाके में एक परिवार के लिए एक भयानक घटना घटित हुई। बालमुकुंद खेतान, जिसे बिट्टू के नाम से जाना जाता है, ने अपनी पत्नी प्रियंका के साथ मिलकर अपनी दो छोटी बेटियों (9 और 7 साल) को जहर दिया और फिर खुद भी जहर खा लिया। प्रियंका ने अपने पिता संजय अग्रवाल को फोन कर बताया कि उसके पति बेहोश हो गए हैं और उसे घर आने के लिए कहा।


जब प्रियंका की मां वहां पहुंची, तो दृश्य भयावह था। उनकी 7 साल की नातिन पार्थिवी घर के बाहर थी, जबकि अंदर बालमुकुंद की लाश पड़ी थी और प्रियंका तथा 9 साल की बेटी भाव्या बेहोश थीं। पार्थिवी की हालत भी गंभीर थी। सभी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अगले दिन प्रियंका और भाव्या की भी मौत हो गई। पार्थिवी का इलाज जारी था।


सुसाइड नोट का खुलासा


पुलिस को प्रियंका द्वारा लिखा गया 3 पन्नों का सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने सूदखोर वैभव रुंगटा से परेशान होने की बात कही। उसने आरोप लगाया कि वैभव मानसिक उत्पीड़न कर रहा था और उससे जबरन पैसे वसूल कर रहा था। परिवार ने इन परेशानियों के चलते आत्महत्या का कदम उठाया। आरोपी अभी भी फरार है।


पार्थिवी की जान बची


पार्थिवी की जान इसलिए बच गई क्योंकि उसे उल्टी हो गई थी। उसने घर का दरवाजा खोला, जिससे पड़ोसियों को घटना की जानकारी मिली। अब वह अनाथ हो गई है, क्योंकि उसके माता-पिता और बड़ी बहन दोनों नहीं रहे। मासूम ने बताया कि उसके माता-पिता किसी कॉपी में कुछ लिख रहे थे और उसकी मां ने उसे और उसकी बहन को कुछ पीने के लिए दिया था।