सुवेंदु अधिकारी ने भाबनीपुर सीट बरकरार रखने का लिया निर्णय
भाबनीपुर सीट पर सुवेंदु अधिकारी की जीत
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनावों में भाबनीपुर सीट को बनाए रखने का निर्णय लिया है, जबकि नंदीग्राम सीट को छोड़ने का फैसला किया है। यह निर्णय टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की भाबनीपुर में हाई-प्रोफाइल जीत के बाद लिया गया है, जो लंबे समय से टीएमसी का एक मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।
राजनीतिक बहस का केंद्र
अधिकारी की भाबनीपुर में जीत ने राज्य में राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। उन्होंने ममता बनर्जी को 15,000 से अधिक वोटों के अंतर से हराया, जिससे टीएमसी प्रमुख को उनके पारंपरिक गढ़ में एक बड़ा झटका लगा। भाबनीपुर सीट कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के प्रभुत्व का प्रतीक रही है। 2021 में नंदीग्राम से हारने के बाद, बनर्जी ने भाबनीपुर उपचुनाव में जीत हासिल कर मुख्यमंत्री के रूप में वापसी की थी।
भाजपा की संभावनाएं
2026 के चुनावों में भाजपा की सफलता को बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी नेता इसे मतदाताओं की भावनाओं में आए बदलाव का संकेत मानते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अधिकारी ने भाबनीपुर सीट को बनाए रखने का निर्णय इसलिए लिया क्योंकि इस जीत का व्यापक राजनीतिक महत्व है। टीएमसी का गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर बनर्जी को हराना नंदीग्राम पर बने रहने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण था।
अधिकारी की जीत का महत्व
भाबनीपुर में अधिकारी ने नंदीग्राम की तुलना में अधिक बड़े अंतर से जीत हासिल की, जिससे विधानसभा में कोलकाता निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का उनका निर्णय और भी मजबूत हो गया।
