सुरेश कलमाड़ी का निधन: राजनीति और खेल जगत में शोक की लहर
सुरेश कलमाड़ी का निधन
नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश कलमाड़ी का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से बीमार रहने के बाद उनका निधन हुआ, जिससे राजनीतिक, सामाजिक और खेल क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। पुणे और कांग्रेस ने एक ऐसे नेता को खो दिया, जिनका प्रभाव शहर की राजनीति और विकास पर दशकों तक बना रहा।
सूत्रों के अनुसार, सुरेश कलमाड़ी का अंतिम दर्शन मंगलवार को पुणे स्थित उनके निवास पर दोपहर 2 बजे तक किया जाएगा। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार शाम 3:30 बजे वैकुंठ श्मशानभूमि में होगा।
भारतीय वायु सेना के पूर्व पायलट, सुरेश कलमाड़ी को केवल एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि पुणे की राजनीति के ‘किंगमेकर’ के रूप में भी जाना जाता था। उन्होंने भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप में देश की सेवा की और फिर राजनीति में कदम रखा, जहां वे कई बार पुणे से लोकसभा सांसद बने और केंद्रीय मंत्री के रूप में भी कार्य किया। पुणे के बुनियादी ढांचे और जनकल्याणकारी योजनाओं में उनका योगदान आज भी देखा जा सकता है।
खेलों के क्षेत्र में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने भारतीय खेल प्रशासन का नेतृत्व किया। 2010 में दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स उनके करियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे। हालांकि, इन खेलों से जुड़े विवादों ने उनके राजनीतिक जीवन को प्रभावित किया, लेकिन भारत में खेलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में उनके प्रयासों की सराहना की जाती है।
इसके अलावा, ‘पुणे फेस्टिवल’ और ‘पुणे इंटरनेशनल मैराथन’ जैसे आयोजनों के माध्यम से उन्होंने पुणे को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन आयोजनों ने पुणे को सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना दिया।
उनके निधन की खबर सुनते ही कांग्रेस पार्टी और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, खेल जगत की हस्तियों और सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सुरेश कलमाड़ी का निधन न केवल कांग्रेस पार्टी के लिए, बल्कि पुणे की राजनीति और खेल जगत के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है.
