सुप्रीम कोर्ट में सोनम वांगचुक की रिहाई की याचिका पर सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में सोनम वांगचुक की रिहाई की याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें उनके वकील कपिल सिब्बल ने कई महत्वपूर्ण दलीलें पेश कीं। वांगचुक की गिरफ्तारी के चार महीने बाद हुई इस सुनवाई में यह बताया गया कि हिरासत के लिए आवश्यक दस्तावेज समय पर नहीं दिए गए। सिब्बल ने गांधी जी का उदाहरण देते हुए कहा कि वांगचुक का भाषण राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा नहीं है। इस मामले की अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी।
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सुप्रीम कोर्ट में सोनम वांगचुक की रिहाई की याचिका पर सुनवाई

साल 2009 की फिल्म 3 इडियट्स और सोनम वांगचुक

फिल्म 3 इडियट्स, जो 2009 में रिलीज हुई थी, ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। इसमें फुंसुक वांगडू का किरदार, जिसे आमिर खान ने निभाया, लद्दाख के सोनम वांगचुक से प्रेरित था। वर्तमान में, सोनम वांगचुक, जो एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं, पिछले 100 दिनों से जेल में हैं। उन्हें लद्दाख में हुई हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। उनकी रिहाई की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 8 जनवरी को सुनवाई हुई, जो उनकी गिरफ्तारी के चार महीने बाद हुई। इस दौरान कई दलीलें पेश की गईं और सुनवाई की तारीख को भी टाल दिया गया।


कपिल सिब्बल का कोर्ट में बयान

सुप्रीम कोर्ट में सोनम वांगचुक की रिहाई की याचिका पर सुनवाई के दौरान, उनके वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि वांगचुक को हिरासत में लेने के आधार 28 दिन बाद बताए गए, जो कि कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि 29 सितंबर को डिटेंशन ऑर्डर जारी किया गया था, लेकिन उस दिन चार वीडियो सबूत नहीं दिए गए। सिब्बल ने यह भी कहा कि यदि हिरासत के लिए आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं, तो हिरासत का आदेश रद्द किया जा सकता है।


गांधी का उदाहरण

कपिल सिब्बल ने कोर्ट में यह भी कहा कि गांधी जी ने भी ऐसे ही हालात में कार्रवाई की थी। उन्होंने चौरीचौरा कांड के बाद हिंसा के संदर्भ में सोनम वांगचुक के भाषण का वीडियो दिखाते हुए कहा कि वांगचुक का भाषण राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा नहीं है। इस मामले की अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी।


सुप्रीम कोर्ट में वांगचुक की हिरासत पर सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने डॉ. गीतांजली अंग्मो द्वारा दायर हैबियस कॉर्पस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें उन्होंने अपने पति सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 के तहत हिरासत को चुनौती दी है। हाल ही में लद्दाख में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद वांगचुक को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश होकर अदालत को बताया कि कानून के तहत सभी सुरक्षा प्रावधानों का पालन होना चाहिए।