सुप्रीम कोर्ट ने विपक्षी मार्च पर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने विपक्षी दलों द्वारा निकाले गए मार्च के संबंध में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से स्पष्टीकरण मांगा है। इस मार्च के दौरान एक गर्भवती महिला पत्रकार के घायल होने की घटना भी हुई थी। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में पीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को तय की है। याचिका में न्यायालय परिसर की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की गई हैं। जानें इस मामले में और क्या हुआ।
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सर्वोच्च न्यायालय की सुनवाई


नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले महीने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा निकाले गए मार्च की भूमिका को लेकर दायर याचिका पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी से स्पष्टीकरण मांगा है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे, जिसमें एक गर्भवती महिला पत्रकार के घायल होने की घटना भी शामिल है।


प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में पीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को निर्धारित की है और केंद्र सरकार से भी जवाब मांगा है। यह याचिका वकीलों के एक समूह द्वारा दायर की गई है, जिसमें उच्चतम न्यायालय के आसपास जुलूस, प्रदर्शन और सभाओं को नियंत्रित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने आरोप लगाया कि 12 अक्टूबर को निकाले गए इस मार्च के कारण न्यायालय परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हुईं।


राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत को आश्वस्त किया कि वे जल्द ही अपना विस्तृत जवाब प्रस्तुत करेंगे। इस मामले में केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस आयुक्त, सर्वोच्च न्यायालय रजिस्ट्री और अन्य राजनीतिक नेताओं को भी प्रतिवादी बनाया गया है। याचिका में यह उल्लेख किया गया है कि सर्वोच्च न्यायालय केवल एक भवन नहीं है, बल्कि यह निष्पक्ष और स्वतंत्र न्याय की संवैधानिक गारंटी है, इसलिए इसके आसपास की सुरक्षा और मर्यादा बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।