सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय हनीमून मर्डर केस में सोनम रघुवंशी की ज़मानत पर रोक लगाने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय हनीमून मर्डर केस की आरोपी सोनम रघुवंशी की ज़मानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हालांकि, कोर्ट ने मेघालय पुलिस की याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें ज़मानत रद्द करने की मांग की गई थी। सोनम को पिछले साल उनके पति की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और कोर्ट की टिप्पणियाँ।
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सुप्रीम कोर्ट का निर्णय

मेघालय में हनीमून मर्डर केस की आरोपी सोनम रघुवंशी को फिलहाल ज़मानत पर रहने की अनुमति दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को हाई कोर्ट द्वारा दी गई ज़मानत में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया, लेकिन मेघालय पुलिस की उस याचिका पर नोटिस जारी किया जिसमें ज़मानत रद्द करने की मांग की गई थी।


सोनम, जो मध्य प्रदेश के इंदौर की निवासी हैं, को पिछले साल जून में उनके पति राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने आर्थिक लाभ के लिए भाड़े के हत्यारों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।


हत्या का मामला

यह दंपत्ति पिछले साल 23 मई को मेघालय के सोहरा क्षेत्र में छुट्टियां मनाने के दौरान लापता हो गया था। राजा का शव 2 जून, 2025 को एक गहरी खाई में मिला। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सोनम पर लगे आरोप गंभीर हैं और गुरुवार को मेघालय पुलिस की याचिका पर विस्तृत सुनवाई करने के लिए तैयार है। हालांकि, यह जानने पर कि सोनम को पहले ही रिहा किया जा चुका है, बेंच ने दखल देने से मना कर दिया।


पुलिस और वकील की दलीलें

मेघालय पुलिस की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सोनम की पूर्व ज़मानत अर्जियां खारिज की गई थीं और उन्होंने तर्क दिया कि गिरफ्तारी के आधार को स्पष्ट नहीं किया गया था।


सोनम के वकील ने पुलिस की याचिका का जवाब देने के लिए समय मांगा और कहा कि उन्हें गिरफ्तारी के समय कानूनी सहायता नहीं दी गई थी। वकील ने यह भी कहा कि उन्हें गिरफ्तारी के आधार के बारे में नहीं बताया गया।


कोर्ट की टिप्पणियाँ

बेंच ने सवाल किया कि यह मुद्दा पहले क्यों नहीं उठाया गया। कोर्ट ने कहा, "क्या आपको इस चरण पर इसे उठाने की अनुमति दी जा सकती है?" बेंच ने यह भी कहा कि अगर ट्रायल कोर्ट ने तकनीकी कारणों से ज़मानत दी है, तो क्या कानून उन्हें दोबारा गिरफ्तार करने से रोकता है।


सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि सोनम काफी समय से जेल में है और ज़मानत नियम है जबकि जेल अपवाद है।


हाई कोर्ट का निर्णय

मेघालय हाई कोर्ट ने 29 जून को सोनम को ज़मानत देने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की आपराधिक याचिका खारिज कर दी, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई ज़मानत को रद्द करने की मांग की गई थी।


सोनम की गिरफ्तारी सोहरा की यात्रा के दौरान जोड़े के लापता होने के बाद हुई थी। जांचकर्ताओं का आरोप है कि हत्या एक साज़िश के तहत की गई थी।


सुनवाई का आगे का क्रम

सोनम के वकील ने ज़मानत रद्द करने का विरोध करते हुए कहा कि अब कुछ भी बरामद नहीं करना है और पहले ही कड़ी शर्तें लगाई जा चुकी हैं।


सुप्रीम कोर्ट अब गुरुवार को सोनम रघुवंशी की ज़मानत रद्द करने की मेघालय पुलिस की याचिका पर विस्तृत सुनवाई करेगा।