सुप्रीम कोर्ट ने बेअंत सिंह के हत्यारे का पंजाब जेल में स्थानांतरण टाला

सुप्रीम कोर्ट ने जगतार सिंह हवाला के पंजाब जेल में स्थानांतरण की याचिका पर सुनवाई को स्थगित कर दिया है। यह निर्णय खुफिया ब्यूरो की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया, जिसमें चेतावनी दी गई थी कि इससे आगामी विधानसभा चुनावों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। अदालत ने कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई फरवरी 2027 में होगी। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे के कारण।
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सुप्रीम कोर्ट का निर्णय


नई दिल्ली। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बब्बर खालसा के आतंकवादी जगतार सिंह हवाला के पंजाब जेल में स्थानांतरण की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई को स्थगित कर दिया है। यह निर्णय खुफिया ब्यूरो (IB) की एक गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि इस कदम से राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। शीर्ष अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई फरवरी 2027 के बाद निर्धारित की है।


न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी. बी. वराले की पीठ ने खुफिया ब्यूरो के इनपुट का अवलोकन करने के बाद कहा कि एजेंसी द्वारा दी गई जानकारी अत्यंत संवेदनशील और चिंताजनक है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस निर्णय का चुनावों और मौजूदा परिस्थितियों पर बड़ा असर हो सकता है। हवाला की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि याचिकाकर्ता की मां बुजुर्ग हैं और वे पंजाब के निवासी हैं, इसलिए मानवीय आधार पर उन्हें स्थानांतरित किया जाना चाहिए या पैरोल दी जानी चाहिए। हालांकि, न्यायालय ने चुनाव संपन्न होने तक इस पर विचार करने से इनकार कर दिया।


यह उल्लेखनीय है कि 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ सचिवालय के बाहर हुए बम विस्फोट में पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह सहित 16 अन्य लोगों की जान गई थी। इस मामले में सजायाफ्ता हवाला को पहले मृत्युदंड दिया गया था, जिसे बाद में उच्च न्यायालय ने आजीवन कारावास में बदल दिया। केंद्र सरकार ने स्थानांतरण का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि हवाला कई अन्य मामलों में भी सजायाफ्ता है और अतीत में जेल ब्रेक की घटनाओं में भी शामिल रहा है, इसलिए सुरक्षा कारणों से उसे स्थानांतरित करना उचित नहीं है।