सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को हेट क्राइम मामले में दो हफ्ते का समय दिया
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
मंगलवार को, सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को दो हफ्ते का समय दिया है। यह समय उन व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153B और 295A के तहत धर्म-आधारित अपमान और हेट क्राइम के आरोप जोड़ने के लिए है, जिन पर 2021 में नोएडा में एक मुस्लिम मौलवी के साथ कथित तौर पर मारपीट करने का आरोप है। जून 2021 में मौलवी काज़िम अहमद शेरवानी ने शिकायत की थी कि जब वह नोएडा से अलीगढ़ जा रहे थे, तो एक चलती वैन में कुछ लोगों ने पहले उन्हें लिफ्ट देने का प्रस्ताव दिया और फिर उनकी दाढ़ी खींचकर और टोपी उतारकर उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
जजों की नाराज़गी
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने अपनी नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पिछले आदेश के बावजूद, अधिकारियों ने अभी तक उपरोक्त धाराओं को लागू नहीं किया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि वह जांच अधिकारी (I/O) को तलब करने पर विचार कर रहा है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया। हालांकि, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश वकील, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) के.एम. नटराज ने कोर्ट से समय मांगा, जिसके बाद कोर्ट ने सरकार को दो हफ्ते का समय दिया।
अगली सुनवाई की तारीख
कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 19 मई को निर्धारित की है। फरवरी में हुई पिछली सुनवाई के दौरान, ASG नटराज ने दलील दी थी कि इस मामले में हेट क्राइम के प्रावधान लागू होंगे। इसके बाद कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा था कि वे "अपनी ज़िम्मेदारी निभाएँ" और इस मामले में हेट क्राइम के आरोप भी शामिल करें।
शिकायत और मुआवज़े की मांग
शेरवानी ने नवंबर 2021 में सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि नोएडा के अधिकारियों ने उनकी शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया था। उन्होंने हेट क्राइम के पीड़ितों के लिए मुआवज़े का एक ढाँचा बनाने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की थी।
घटना का विवरण
जून 2021 में धर्मगुरु काज़िम अहमद शेरवानी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, जब वे नोएडा से अलीगढ़ जा रहे थे, तब एक चलती वैन में सवार कुछ लोगों ने पहले उन्हें लिफ्ट देने का प्रस्ताव दिया, लेकिन बाद में उन्होंने उनकी दाढ़ी खींचकर और टोपी उतारकर उनके साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया।
