सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की अंतरिम ज़मानत याचिका को किया खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की अंतरिम ज़मानत याचिका को खारिज कर दिया है। उन्हें 24 घंटे मेडिकल सहायता के लिए एक प्रशिक्षित देखभालकर्ता रखने की अनुमति दी गई है। कोर्ट ने कहा कि यदि उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ती है, तो वे दोबारा याचिका दाखिल कर सकते हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और कोर्ट के आदेश के बारे में।
| Aug 6, 2026, 14:40 IST
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
गुरुवार को, सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम को अंतरिम ज़मानत देने से इनकार कर दिया, जो खुद को भगवान मानते हैं। आसाराम 2013 में एक नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में उम्रकैद की सज़ा काट रहे हैं। कोर्ट ने उन्हें 24 घंटे मेडिकल सहायता के लिए अपनी पसंद का एक प्रशिक्षित देखभालकर्ता रखने की अनुमति दी। यदि उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ती है, तो वे फिर से कोर्ट में आ सकते हैं। जस्टिस एमएम सुंदरेश और पीबी वराले की बेंच ने 31 जुलाई की एम्स (AIIMS) रिपोर्ट की समीक्षा की, जिसमें कहा गया था कि आसाराम को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन उन्हें निरंतर चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है।
सॉलिसिटर जनरल का बयान
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि AIIMS की रिपोर्ट की सिफारिशों का "पूर्ण और सही भावना के साथ" पालन किया जाएगा। बेंच ने आदेश दिया कि आसाराम अपनी पसंद के प्रशिक्षित देखभालकर्ता की सेवाएं 24 घंटे ले सकते हैं। बेंच ने यह भी कहा कि यदि आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ती है, तो वे अपनी ज़मानत की याचिका फिर से दाखिल कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के पहले के निर्देश के बाद एम्स की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी, जिसमें आसाराम की व्यापक चिकित्सा जांच की गई थी।
