सुप्रीम कोर्ट ने NEET विरोध प्रदर्शनों में छात्रों की रिहाई का आदेश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने NEET पेपर लीक के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों में हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन छात्रों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें बिना किसी दंडात्मक कार्रवाई के रिहा किया जाएगा। सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने पुलिस द्वारा बल प्रयोग के आरोपों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। साथ ही, राज्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जानें इस मामले में और क्या हुआ है।
| Jul 28, 2026, 13:33 IST
सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय
मंगलवार को, सुप्रीम कोर्ट ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा आयोजित NEET पेपर लीक के खिलाफ देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए सभी छात्रों को रिहा करने का आदेश दिया। यह आदेश तब लागू होगा जब छात्रों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड न हो। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन पर केवल विरोध के सिलसिले में आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
विरोध प्रदर्शनों में हिंसा पर सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने NEET विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा से संबंधित कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि इन घटनाओं से संविधान के आर्टिकल 19 और 21 के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है। अदालत ने देखा कि दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू होकर मध्य प्रदेश और बिहार तक फैले इन प्रदर्शनों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप लगे हैं।
याचिकाओं में बल प्रयोग का विवरण
याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन पर अत्यधिक बल प्रयोग किया। याचिकाओं में लाठीचार्ज, पेलेट गन और आंसू गैस के इस्तेमाल का उल्लेख किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष गंभीर आरोप
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं में बल प्रयोग की कई घटनाओं का उल्लेख किया। आरोपों में शामिल हैं:
कथित तौर पर पेलेट गन का उपयोग, जिससे कई छात्र घायल हुए, एक छात्र की आंख की रोशनी चली गई।
रबर की गोलियों से कई प्रदर्शनकारी घायल हुए।
भीड़ को तितर-बितर करने के लिए इलेक्ट्रिक बैटन का इस्तेमाल किया गया।
कई मामलों में स्थायी विकलांगता और गंभीर चोटें आईं।
एक मीडियाकर्मी पर हमले की भी खबर है, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।
हालांकि, अदालत ने इन आरोपों की सत्यता पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है।
राज्यों को नोटिस जारी
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, असम, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और केरल की सरकारों को नोटिस जारी किया है, जिसमें NEET विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के मामलों में जवाब मांगा गया है।
CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि महत्वपूर्ण सबूत नष्ट न हों, अधिकारियों को NEET विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा से संबंधित सभी CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। यह निर्देश याचिकाकर्ताओं के आरोपों और संबंधित राज्य सरकारों के जवाबों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
