सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG प्रश्नपत्र लीक मामले में NTA को फटकारा

सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यूपीएससी की परीक्षा प्रणाली से सबक लेने की आवश्यकता है। डॉ. के. राधाकृष्णन ने समिति की सिफारिशों के बारे में जानकारी दी, जिसमें 101 सुधारों का प्रस्ताव शामिल है। अदालत ने यह भी पूछा कि प्रश्नपत्र लीक कैसे हुआ और इसके लिए जिम्मेदार प्रक्रियाओं में सुधार की आवश्यकता है।
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सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG प्रश्नपत्र लीक मामले में NTA को फटकारा gyanhigyan

NEET-UG परीक्षा लीक पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक के मामले में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को कड़ी फटकार लगाते हुए सवाल उठाया कि निगरानी तंत्र और समितियों के बावजूद इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे संभव हुई। अदालत ने यूपीएससी की परीक्षा से तुलना करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएँ वहां कभी नहीं हुईं, और NTA को UPSC प्रणाली से सीखने की सलाह दी। यह टिप्पणी NEET-UG पेपर लीक मामले की सुनवाई के दौरान आई, जिसमें सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता NTA और पूर्व ISRO अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति की ओर से पेश हुए। अदालत ने एनटीए और डॉ. राधाकृष्णन द्वारा प्रस्तुत हलफनामों को रिकॉर्ड में लेते हुए केंद्र को जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया।


सुप्रीम कोर्ट ने समिति से क्या सवाल किए?

सुप्रीम कोर्ट ने उच्च स्तरीय समिति से क्या पूछा?

न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा ने डॉ. राधाकृष्णन से समिति की सिफारिशों के बाद निगरानी की प्रक्रिया के बारे में सवाल किया। उन्होंने यह भी पूछा कि डॉ. राधाकृष्णन ने निगरानी समिति में नियुक्त होने से पहले उच्च स्तरीय समिति में काम किया था, तो कार्यान्वयन की निगरानी कितनी प्रभावी रही। अदालत ने कहा कि यदि निगरानी के बावजूद विफलता हुई है, तो निगरानी प्रक्रिया में खामियां होनी चाहिए। पीठ ने यह भी पूछा कि किन कारणों से पहले सुझाए गए सुरक्षा उपायों के बावजूद कागज़ात लीक हो गए।


समिति की सिफारिशें और सुधार

समिति द्वारा किन सुधारों की सिफारिश की गई थी?

डॉ. राधाकृष्णन ने अदालत को बताया कि समिति ने परीक्षा सुरक्षा और प्रशासन को मजबूत करने के लिए 101 सिफारिशें की थीं, जिनमें से 60 अल्पकालिक थीं, जिन्हें 2025-26 की परीक्षा अवधि के दौरान लागू करने का लक्ष्य रखा गया था। उन्होंने कहा कि अधिकांश सिफारिशें पहले ही लागू की जा चुकी हैं, और अन्य वर्तमान में कार्यान्वयन में हैं। उनके अनुसार, हाल के महीनों में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं और एनटीए को काफी मजबूत किया गया है।


प्रश्नपत्र लीक की व्याख्या

नीट अंडरग्रेजुएट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक की समिति की व्याख्या क्या है?

जब डॉ. राधाकृष्णन से सीधे पूछा गया कि प्रश्नपत्र लीक कैसे हुआ, तो उन्होंने बताया कि यह समस्या प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से संबंधित थी। उन्होंने अदालत को बताया कि अब इस प्रक्रिया को और मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक सुरक्षित परीक्षा कार्यान्वयन ढांचा पहले से ही शुरू किया जा चुका है, और इन परिवर्तनों के परिणामस्वरूप परीक्षा प्रणालियों में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है।