सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति पर महेश जेठमलानी के गंभीर आरोप

महेश जेठमलानी ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति संजय किशन कौल पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें सौरव दास के साथ उनके कथित संबंधों और न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए गए हैं। जेठमलानी ने न्यायमूर्ति कौल के हालिया दावों को लेकर चिंताएं व्यक्त की हैं और न्यायपालिका में राजनीतिक दबाव के प्रयासों की ओर इशारा किया है। इस विवाद में न्यायमूर्ति कौल के कार्यकाल के दौरान उठे सवालों का भी जिक्र किया गया है।
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महेश जेठमलानी के आरोप


नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और पूर्व राज्यसभा सांसद महेश जेठमलानी ने हाल ही में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संजय किशन कौल के कुछ विवादास्पद दावों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने न्यायमूर्ति कौल के कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास के साथ कथित संबंधों और मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के पदभार ग्रहण करने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की हैं।


जेठमलानी ने न्यायमूर्ति कौल के हालिया साक्षात्कार में पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ पर लगाए गए आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति कौल ने कॉलेजियम की ओर से नामों पर निर्णय लेने से पहले सरकार के साथ चर्चा करने का आरोप लगाया।


इस संदर्भ में, जेठमलानी ने न्यायमूर्ति कौल के कार्यकाल के दौरान न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति कौल का यह दावा कि उन्होंने स्वतंत्रता के साथ काम किया, उचित नहीं है।


जेठमलानी ने यह भी कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता और लंबित मामलों पर सार्वजनिक टिप्पणियों का प्रभाव होना चाहिए। उन्होंने न्यायमूर्ति कौल के सामने दो प्रमुख प्रश्न रखे: क्या उनके वक्तव्यों से न्यायपालिका के सदस्यों को संकेत दिया जा रहा है कि वे सरकार के खिलाफ निर्णय सुनाएं? और क्या पूर्व न्यायाधीश अपने प्रभाव का उपयोग कर किसी महत्वपूर्ण मामले के फैसले को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं?