सुखेन्दु शेखर राय का टीएमसी से इस्तीफा: पार्टी में बढ़ती दरारें

राज्यसभा सांसद सुखेन्दु शेखर राय ने टीएमसी से इस्तीफा देकर पार्टी की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी का नेतृत्व जमीनी हकीकत से कट चुका है और सत्ता के नशे में चूर है। राय ने अस्पतालों की खरीद का फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की और जनता की प्रतिक्रिया पर भी प्रकाश डाला। उनके इस्तीफे के बाद पार्टी में बढ़ती दरारों और राजनीतिक फूट पर चर्चा हो रही है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी।
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सुखेन्दु शेखर राय का टीएमसी से इस्तीफा: पार्टी में बढ़ती दरारें gyanhigyan

सुखेन्दु शेखर राय का इस्तीफा

राज्यसभा सांसद सुखेन्दु शेखर राय ने सोमवार को अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने के साथ ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने टीएमसी की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी का नेतृत्व वास्तविकता से पूरी तरह कट चुका है। यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर चल रही राजनीतिक फूट के बीच एक बड़ा झटका है।


राजनीतिक स्थिति पर राय की टिप्पणी

इस्तीफे के बाद मीडिया से बात करते हुए राय ने कहा कि सत्ता का नशा नेताओं के सिर पर चढ़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पंद्रह वर्षों से सत्ता में रहे नेता और कार्यकर्ता आम लोगों से दूर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है और उनकी जगह भ्रष्ट तत्वों ने ले ली है।


आरजी कर अस्पताल मामले पर राय की मांग

राय ने अस्पताल द्वारा की गई खरीद का फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में बंगाल के सभी अस्पतालों की खरीद की जांच होनी चाहिए। उन्होंने बलात्कार और हत्या की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की और कहा कि समाज में इससे अधिक जघन्य कुछ नहीं है।


जनता की प्रतिक्रिया

आरजी कर कांड पर राय ने बताया कि इस घटना का प्रभाव केवल उस स्थान तक सीमित नहीं था। उन्होंने कहा कि लोग, जो पहले कभी किसी जनसभा में शामिल नहीं हुए थे, अब सड़कों पर उतर आए।


पार्टी नेतृत्व की आलोचना

राय ने पार्टी नेतृत्व की आलोचना करते हुए कहा कि संकट के समय नेताओं ने कोई चर्चा नहीं की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उन्हें सत्ता में पहुंचाया, वही अब उन्हें गिरा रहे हैं।


ऋतब्रता बनर्जी की प्रतिक्रिया

पश्चिम बंगाल के विपक्ष के सांसद और टीएमसी से निष्कासित नेता ऋतब्रता बनर्जी ने राय के इस्तीफे पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनके जैसे सांसद को हाशिए पर धकेलना दुखद है।