सुकांत मजूमदार ने ममता बनर्जी से हार स्वीकार करने की अपील की
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने ममता बनर्जी से हार स्वीकार करने की अपील की है, यह कहते हुए कि हिंदू मतदाताओं की संख्या में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो राजनीतिक दल जनादेश पर सवाल उठाते हैं, उनका भविष्य उज्जवल नहीं है। मजूमदार ने तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना साधा और कहा कि भाजपा की प्राथमिकता हमेशा राष्ट्रीय हित है। इस लेख में चुनाव आयोग की भूमिका पर भी चर्चा की गई है।
| May 5, 2026, 18:30 IST
ममता बनर्जी को हार मानने की सलाह
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से आग्रह किया कि वे अपनी हार को स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि हिंदू मतदाताओं की संख्या में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और जो भी राजनीतिक दल इस जनादेश पर सवाल उठाएगा, उसका अंततः पतन होगा। मजूमदार ने कहा कि ममता को अपनी हार को शालीनता से मान लेना चाहिए। सीसीटीवी फुटेज में छेड़छाड़ और हाथापाई के आरोप उन पर शोभा नहीं देते, इसलिए उन्हें ऐसे आरोप लगाने से बचना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी मतदाता कतार में खड़े होकर मतदान करने आए थे, चुनाव आयोग ने उन्हें किसी तरह से प्रभावित नहीं किया। जो दल जनता के जनादेश पर सवाल उठाते हैं, उनका भविष्य उज्जवल नहीं है।
भाजपा की प्राथमिकता राष्ट्रीय हित
मजूमदार ने एएनआई से बातचीत में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर उनकी टिप्पणियां महत्वहीन हैं। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता हमेशा राष्ट्रीय हित रही है।
चुनाव आयोग की भूमिका पर चर्चा
उन्होंने यह भी बताया कि पश्चिम बंगाल और केरल में चुनाव एक ही आयोग द्वारा कराए गए थे। केरल में लोकतंत्र की जीत हुई, जबकि बंगाल में यह एक समस्या बन गई। मजूमदार ने कहा कि सरकार बनने दीजिए और मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह होने दीजिए, उसके बाद मुख्यमंत्री तय करेंगे कि किसे प्राथमिकता देनी है।
