सीहोर का रुठिया परिवार: 35 हजार रुपये का ऐतिहासिक कर्ज

सीहोर का रुठिया परिवार एक ऐतिहासिक कर्ज की कहानी के साथ चर्चा में है, जिसमें उन्होंने ब्रिटिश सरकार को 35 हजार रुपये उधार दिए थे। यह राशि आज करोड़ों में मानी जा रही है। परिवार के वंशज अब इस कर्ज की वसूली के लिए कानूनी कदम उठाने की योजना बना रहे हैं। जानें इस परिवार की समृद्धि और उनके व्यवसाय के बारे में।
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सीहोर का रुठिया परिवार: 35 हजार रुपये का ऐतिहासिक कर्ज

रुठिया परिवार का ऐतिहासिक कर्ज

मध्य प्रदेश के सीहोर में एक परिवार ने लगभग एक सदी पहले ब्रिटिश शासन को 35 हजार रुपये का कर्ज दिया था। आज की तारीख में यह राशि करोड़ों में मानी जा रही है, जिसने लोगों की रुचि को बढ़ा दिया है। आखिरकार, यह रुठिया परिवार कौन है और इस कर्ज की कहानी क्या है?


कर्ज की कहानी

सीहोर का रुठिया परिवार: 35 हजार रुपये का ऐतिहासिक कर्ज


सीहोर के प्रसिद्ध व्यापारी सेठ जुम्मा लाल रुठिया ने 1917 में ब्रिटिश सरकार को यह कर्ज दिया था। अब उनके वंशज इस राशि की वसूली के लिए कानूनी नोटिस भेजने की योजना बना रहे हैं। परिवार का कहना है कि यह राशि आज के हिसाब से 1.85 करोड़ रुपये के बराबर है।


इतिहास के अनुसार, रुठिया परिवार उस समय सीहोर और भोपाल रियासत के सबसे समृद्ध परिवारों में से एक था। सेठ जुम्मा लाल रुठिया की प्रशासनिक हलकों में अच्छी पहचान थी।


कर्ज क्यों दिया गया था?

फर्स्ट वर्ल्ड वॉर के दौरान ब्रिटिश सरकार आर्थिक संकट का सामना कर रही थी। कहा जाता है कि 1917 में भोपाल रियासत के प्रबंधन को व्यवस्थित करने के लिए उन्होंने रुठिया परिवार से 35 हजार रुपये उधार लिए। उस समय यह राशि बहुत बड़ी मानी जाती थी।


सेठ जुम्मा लाल रुठिया का निधन 1937 में हुआ, लेकिन यह कर्ज फाइलों में ही रह गया और इसकी अदायगी नहीं हुई। परिवार का दावा है कि उनके पास इस लेन-देन से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित हैं।


रुठिया परिवार की वर्तमान स्थिति

हालांकि रुठिया परिवार आजकल प्रचार से दूर है, लेकिन सीहोर में उनकी कई संपत्तियाँ हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की लगभग 20 से 30 प्रतिशत बसाहट उनकी जमीनों पर विकसित हुई है। परिवार के पास इंदौर, सीहोर और भोपाल में कई संपत्तियाँ हैं।


सेठ जुम्मा लाल रुठिया का व्यवसाय

सेठ जुम्मा लाल रुठिया के व्यवसाय में अफीम की खेती, कपास की खरीद, ऑयल मिल का संचालन और अनाज की खरीद-फरोख्त शामिल थे। उनके पोते विवेक रुठिया के अनुसार, उनके दादा के पास प्रदेश के कई जिलों में लगभग 1000 एकड़ भूमि थी।


परिवार का वंशावली

विवेक रुठिया का कहना है कि उनके दादा ने कई एकड़ जमीन दान में दी थी और कई लोगों को धन उधार दिया था। वर्तमान में परिवार होटल, पेट्रोल पंप, वेयरहाउस और रियल एस्टेट जैसे व्यवसायों में सक्रिय है।


कर्ज की वसूली की योजना

विवेक रुठिया का दावा है कि उनके पास ऐतिहासिक दस्तावेज हैं जो इस कर्ज का स्पष्ट उल्लेख करते हैं। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एक संप्रभु देश अपने पुराने वित्तीय दायित्वों को चुकाने के लिए बाध्य होता है। परिवार ने ब्रिटिश सरकार को नोटिस भेजकर अपना दावा पेश करने की योजना बनाई है।