सीरियल किलर मोनू: चार महिलाओं की हत्या और दुष्कर्म का मामला
मोनू का खौफनाक इतिहास
एक व्यक्ति ने अपनी हैवानियत की सारी सीमाएं पार कर दीं। मोनू नामक इस सीरियल किलर ने चार महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया और उन्हें बेरहमी से हत्या का शिकार बनाया। आइए जानते हैं इसके घिनौने कृत्यों के बारे में।
पहली वारदात का विवरण
यह कहानी 2010 से शुरू होती है, जब 21 वर्षीय एमबीए छात्रा नेहा अहलावत 30 जुलाई को शाम के समय अपनी स्कूटर लेकर अंग्रेजी क्लास के लिए निकली। लेकिन वह वापस नहीं लौटी। उसी रात, उसकी अर्धनग्न और खून से सनी लाश टैक्सी स्टैंड के पास झाड़ियों में मिली। उसके शरीर पर चोटों के निशान थे और गला घोंटकर हत्या की गई थी। सीएफएसएल ने उसके कपड़ों पर मौजूद वीर्य के नमूनों से दुष्कर्म की पुष्टि की। इस मामले में कोई सुराग नहीं मिला और 2020 में इसे अनसुलझा मानकर बंद कर दिया गया।
एक ही पैटर्न से हत्याएं
इस दौरान चंडीगढ़ के जंगलों में इसी तरह की दो और घटनाएं हुईं। सभी महिलाओं को अकेला देखकर निशाना बनाया गया। हमलावर ने उन्हें सुनसान स्थानों पर ले जाकर हमला किया, गला घोंटा और शव को झाड़ियों में फेंक दिया। कई मामलों में हत्या के बाद दुष्कर्म के संकेत भी मिले। तीनों मामलों में डीएनए एक ही व्यक्ति का था।
मोनू की पहचान
मोनू ने चार महिलाओं के साथ एक ही तरीके से दुष्कर्म और हत्या की। उसने पहली बार 2008 में हिमाचल प्रदेश के चंबा में एक 20 वर्षीय लड़की के साथ दुष्कर्म किया और उसे नुकीले पत्थर से मारकर हत्या कर दी। हिमाचल पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, लेकिन सबूतों के अभाव में वह बरी हो गया। इसके बाद, 2010 में उसने एमबीए छात्रा के साथ भी ऐसा ही किया। 2022 में उसने मलोया के जंगल में एक विवाहिता के साथ दुष्कर्म किया और फरवरी 2024 में 65 वर्षीय महिला की हत्या का प्रयास किया।
सजा का ऐलान
डॉक्टरों ने मोनू के डीएनए का परीक्षण मृत विवाहिता के सैंपल से किया। 6 मई 2024 को पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। शुरुआत में उसने सब कुछ नकारा, लेकिन जब पुलिस ने बताया कि उसका डीएनए तीनों मामलों से मेल खाता है, तो उसने अपनी गुनाह कबूल कर ली। अब फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मोनू को एमबीए छात्रा के दुष्कर्म और हत्या के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
