सीरियल किलर मोनू: चार महिलाओं की हत्या और दुष्कर्म का मामला

सीरियल किलर मोनू ने चार महिलाओं के साथ दुष्कर्म और हत्या की। उसकी पहली वारदात 2008 में हुई थी, और इसके बाद उसने कई और महिलाओं को निशाना बनाया। पुलिस ने डीएनए साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार किया। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है। जानिए इस कुख्यात अपराधी की पूरी कहानी और उसके कारनामों के बारे में।
 | 
सीरियल किलर मोनू: चार महिलाओं की हत्या और दुष्कर्म का मामला gyanhigyan

मोनू का काला इतिहास

सीरियल किलर मोनू: चार महिलाओं की हत्या और दुष्कर्म का मामला


एक व्यक्ति ने अपनी हैवानियत की सारी सीमाएं पार कर दी हैं। इस व्यक्ति ने चार महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया और उन्हें बेरहमी से हत्या कर दी। हम बात कर रहे हैं मोनू नामक सीरियल किलर की। आइए जानते हैं इसके घिनौने कारनामों के बारे में।


पहली घटना का विवरण

यह कहानी 2010 से शुरू होती है। 30 जुलाई 2010 को, 21 वर्षीय एमबीए छात्रा नेहा अहलावत ने शाम करीब 6 बजे अपने घर से स्कूटर लेकर अंग्रेजी बोलने की कक्षा के लिए निकली। लेकिन वह वापस नहीं लौटी। उसी रात, भारी बारिश के बीच, उसका अर्धनग्न और खून से सना शव टैक्सी स्टैंड के पास झाड़ियों में मिला। शव पर चोटों के निशान थे और गला घोंटकर उसकी हत्या की गई थी। बाद में सीएफएसएल ने उसके कपड़ों पर मौजूद वीर्य के नमूनों से दुष्कर्म की पुष्टि की। इस मामले में कोई सुराग नहीं मिला और 2020 में इसे अनसुलझा मानकर बंद कर दिया गया।


एक ही पैटर्न से हत्याएं

इस दौरान चंडीगढ़ के जंगलों में इसी तरह की दो और घटनाएं हुईं। सभी महिलाओं को अकेला देखकर निशाना बनाया गया। हमलावर ने उन्हें सुनसान स्थानों पर ले जाकर हमला किया, गला घोंटा और फिर शवों को झाड़ियों में फेंक दिया। कई मामलों में हत्या के बाद भी दुष्कर्म के संकेत मिले। तीनों मामलों में डीएनए एक ही व्यक्ति का था।


मोनू की पहचान

मोनू ने चार महिलाओं के साथ एक ही पैटर्न में दुष्कर्म और हत्या की। उसने 2008 में हिमाचल प्रदेश के चंबा क्षेत्र में एक बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और उसे नुकीले पत्थर से मारकर हत्या कर दी। हिमाचल पुलिस ने मोनू कुमार को गिरफ्तार किया, लेकिन सबूतों के अभाव में उसे बरी कर दिया गया। इसके बाद, 2010 में उसने एमबीए छात्रा के साथ भी ऐसा ही किया। 2022 में, उसने मलोया के जंगल में एक विवाहिता के साथ भी दुष्कर्म किया।


पुलिस की कार्रवाई

डॉक्टरों ने मोनू कुमार के सैंपल की जांच मृत विवाहिता के सैंपल से की। 6 मई 2024 को, जब मोनू वापस आया, तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। शुरुआत में उसने सब कुछ नकारा, लेकिन जब पुलिस ने बताया कि उसका डीएनए तीनों मामलों से मेल खाता है, तो उसने अपनी सभी हत्याओं को स्वीकार कर लिया।


सजा का ऐलान

फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मोनू को एमबीए छात्रा के दुष्कर्म और हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, उस पर विभिन्न धाराओं में 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। मोनू पर इसी तरह की कई अन्य वारदातों के आरोप हैं और अन्य मामलों की सुनवाई अभी भी अदालत में जारी है।