सीबीआई ने शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ हत्या मामले की जांच शुरू की

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या का मामला अब सीबीआई को सौंपा गया है। राज्य पुलिस की सिफारिश के बाद सीबीआई ने जांच शुरू की है और एक विशेष जांच दल का गठन किया है। इस बीच, गिरफ्तार आरोपियों के परिवार ने उनके निर्दोष होने का दावा किया है। चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में राजनीतिक और कानूनी संवेदनशीलता बढ़ गई है, और सभी की नजर सीबीआई की जांच पर है।
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सीबीआई ने शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ हत्या मामले की जांच शुरू की gyanhigyan

चंद्रनाथ रथ हत्या मामले की सीबीआई जांच

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या का मामला अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपा गया है। राज्य पुलिस की सिफारिश के बाद, सीबीआई ने आज से इस मामले की जांच शुरू कर दी है। एजेंसी ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसकी निगरानी कोलकाता क्षेत्र के संयुक्त निदेशक करेंगे। इस दल में कोलकाता क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मियों को शामिल किया जाएगा ताकि मामले की गहन और प्रभावी जांच सुनिश्चित की जा सके।


गिरफ्तारी और जांच की प्रगति

यह घटनाक्रम तब सामने आया जब पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष जांच टीम ने उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन शूटरों को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल लाया गया, जहां उत्तर 24 परगना जिले की अदालत ने उन्हें 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। जांच अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी निगरानी और डिजिटल जानकारी के आधार पर टीम को उत्तर प्रदेश और बिहार भेजा गया था, जहां से आरोपियों को पकड़ा गया। यह गिरफ्तारी एक संदिग्ध द्वारा टोल प्लाजा पर किए गए यूपीआई लेनदेन से मिले सुरागों के आधार पर की गई।


चंद्रनाथ रथ की हत्या का विवरण

आपको याद दिला दें कि चंद्रनाथ रथ की हत्या छह मई की रात मध्यमग्राम इलाके में गोली मारकर की गई थी। यह घटना विधानसभा चुनाव परिणाम आने के केवल दो दिन बाद हुई। उस रात, चंद्रनाथ रथ एक कार्यक्रम से लौट रहे थे, जब एक चारपहिया वाहन ने उनकी गाड़ी को रोका और दो मोटरसाइकिलों पर सवार हमलावरों ने उन पर गोलियां चलाईं। चंद्रनाथ रथ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके चालक बुद्धदेव बेरा गंभीर रूप से घायल हो गए।


गिरफ्तार आरोपी का परिवार

इस मामले में गिरफ्तार उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी राज सिंह की मां जसवंती सिंह ने अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि घटना के समय राज सिंह परिवार के साथ लखनऊ, अंबेडकर नगर और अयोध्या में था। उन्होंने बताया कि वे सात मई को एक विधान परिषद सदस्य की पुत्री के विवाह समारोह में शामिल होने लखनऊ गए थे। जसवंती का आरोप है कि पुलिस ने उनके वाहन को रोका और राज सिंह को अपने साथ ले गई।


निष्पक्ष जांच की मांग

जसवंती सिंह ने कहा कि उनके पास घर, बाजार और अन्य स्थानों के सीसीटीवी फुटेज हैं, जो साबित कर सकते हैं कि उनका बेटा छह से नौ मई तक बलिया में ही था। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि उनके बेटे को झूठा फंसाया गया है। भावुक होते हुए उन्होंने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों से न्याय की अपील की।


सीबीआई जांच का स्वागत

राज सिंह के अधिवक्ता हरिवंश सिंह ने भी सीबीआई जांच के आदेश का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि जब सीबीआई बलिया पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज और अन्य प्रमाणों की जांच करेगी, तो सच्चाई सामने आ जाएगी। अधिवक्ता ने पश्चिम बंगाल पुलिस पर गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि राज सिंह को कोलकाता ले जाने से पहले ट्रांजिट रिमांड लेना आवश्यक था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।


सोशल मीडिया पर राज सिंह की तस्वीरें

इस बीच, राज सिंह की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें वह विभिन्न प्रभावशाली लोगों के साथ दिखाई दे रहा है। उसने अपने सोशल मीडिया खातों पर खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा उत्तर प्रदेश का महासचिव और चिलकहर क्षेत्र का संभावित प्रमुख बताया है। उसकी तस्वीरें प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और पूर्व सांसद ब्रज भूषण सिंह के साथ भी साझा की गई हैं।


राजनीतिक और कानूनी संवेदनशीलता

चंद्रनाथ रथ हत्याकांड अब राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से बेहद संवेदनशील बन चुका है। सीबीआई जांच शुरू होने के बाद, सभी की नजर इस बात पर है कि एजेंसी हत्या की साजिश, हमलावरों के नेटवर्क और उनके संभावित राजनीतिक संबंधों को लेकर क्या खुलासे करती है।