सीबीआई ने गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया, ट्विशा शर्मा मामले में नया मोड़
गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा ट्विशा शर्मा की अग्रिम जमानत रद्द करने के एक दिन बाद, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को उनकी सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गिरिबाला, जो एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं, को सीबीआई ने साढ़े छह घंटे की पूछताछ के बाद हिरासत में लिया। पहले, 15 मई को सत्र न्यायालय ने उन्हें अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन उच्च न्यायालय ने मामले के तथ्यों और उन पर लगे आरोपों के आधार पर इसे रद्द कर दिया। अवकाशकालीन न्यायाधीश देव नारायण मिश्रा ने 17 पृष्ठों के निर्णय में उल्लेख किया कि ट्विशा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि उनकी मृत्यु से पहले उन्हें अतिरिक्त चोटें आई थीं, जो "शव को रस्सी से निकालने या अस्पताल ले जाने के कारण नहीं लगी थीं।
परिवार की प्रतिक्रिया
ट्विशा के परिवार ने उच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया और इसे न्याय की दिशा में एक कदम बताया। पीड़ित परिवार के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि गिरिबाला को कानून का सम्मान करना चाहिए और सीबीआई के समक्ष आत्मसमर्पण कर आगे की जांच में सहयोग करना चाहिए।
आरोप और गिरिबाला का बचाव
ट्विशा के परिवार ने गिरिबाला और उनके बेटे समर्थ सिंह पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि दोनों ने ट्विशा को गंभीर मानसिक प्रताड़ना का शिकार बनाया। इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गिरिबाला ने अपराध स्थल से सबूतों के साथ छेड़छाड़ की।
हालांकि, गिरिबाला ने 18 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ट्विशा नशे की आदी थी, जिसे उसके परिवार ने पूरी तरह से नकार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि ट्विशा का परिवार उनकी छवि को खराब करने की कोशिश कर रहा है।
इस बीच, पुलिस ने भोपाल में गिरिबाला के निवास से सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिया है। पिछले हफ्ते यह मामला सीबीआई को सौंपा गया था, जो वर्तमान में इसकी जांच कर रही है।
