सी. जोसेफ विजय: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में नई राजनीतिक दिशा

सी. जोसेफ विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। उन्होंने पारंपरिक द्रविड़ राजनीति को चुनौती देते हुए एक आधुनिक प्रशासक के रूप में अपनी पहचान बनाई है। विजय ने समय की पाबंदी, अनुशासन और महिलाओं के खिलाफ अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष योजनाएं लागू की हैं। उनके आर्थिक दृष्टिकोण और भ्रष्टाचार-विरोधी उपायों ने भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना दिया है। जानें उनके प्रशासनिक दृष्टिकोण और योजनाएं।
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थलापति विजय का राजनीतिक सफर

2 फरवरी 2024 को, दक्षिण भारत के प्रसिद्ध अभिनेता 'थलापति' सी. जोसेफ विजय ने अपनी राजनीतिक पार्टी 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) की स्थापना की घोषणा की। उस समय, द्रविड़ राजनीति के दिग्गजों ने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया। विशेषज्ञों का मानना था कि वह केवल एक फिल्म स्टार हैं और राजनीति में केवल 'किंगमेकर' बन सकते हैं, 'किंग' नहीं। लेकिन 4 मई 2026 को जब तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आए, तो उन्होंने सभी को चौंका दिया। जनता ने पारंपरिक द्रविड़ दलों को सत्ता से बाहर कर विजय को राज्य की बागडोर सौंप दी। 10 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद भी, विरोधी यह कहते रहे कि उनके पास प्रशासनिक अनुभव की कमी है।


मुख्यमंत्री विजय का कार्यशैली

अब एक महीने से अधिक समय हो चुका है जब विजय ने सत्ता संभाली है, और उन्होंने अपने निर्णयों, अनुशासन और कॉर्पोरेट शैली से सभी आलोचकों को चुप कर दिया है।


मुख्यमंत्री विजय का पहनावा भी चर्चा का विषय बना हुआ है। तमिलनाडु की राजनीति में जहां नेता पारंपरिक सफेद 'वेष्टि' पहनते हैं, वहीं विजय हर सुबह सचिवालय में काले सूट और सफेद शर्ट में नजर आते हैं। यह बदलाव केवल उनके पहनावे का नहीं, बल्कि यह संदेश देने का है कि वह एक आधुनिक प्रशासक हैं।


विजय ने सचिवालय में अनुशासन को भी प्राथमिकता दी है। वह सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक अपनी डेस्क पर रहते हैं। उन्होंने समय की पाबंदी और बायोमेट्रिक हाजिरी को अनिवार्य कर दिया है, जिससे प्रशासनिक प्रणाली में नई जान आ गई है।


मुख्यमंत्री के निर्देश और योजनाएं

सोमवार को ज़िला कलेक्टरों और पुलिस प्रमुखों को दिए गए निर्देशों ने यह स्पष्ट किया है कि विजय राजनीति से ज्यादा कामकाज को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने अपराधियों के खिलाफ निडर होकर कार्रवाई करने और तमिलनाडु की सभी सार्वजनिक परिवहन बसों को एयर-कंडीशंड करने की बात कही।


विजय ने अपने पहले दिन से ही सही गवर्नेंस का संदेश दिया। उन्होंने 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा की, जिससे लगभग 2.4 करोड़ घरेलू बिजली कनेक्शन धारकों को लाभ होगा।


इसके अलावा, उन्होंने हर जिले में एक एंटी-ड्रग टास्क फोर्स की स्थापना की, जिसका उद्देश्य ड्रग्स की तस्करी और बिक्री को रोकना है।


महिलाओं के लिए विशेष टास्क फोर्स

मुख्यमंत्री ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए 'सिंगप्पेन' (शेरनी) नामक विशेष टास्क फोर्स की शुरुआत की। यह विंग महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम और शिकायतों के त्वरित समाधान पर ध्यान केंद्रित करेगी।


विजय ने सत्ता में आने के 48 घंटों के भीतर, राज्य भर में 717 शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश दिया, जो पूजा स्थलों और शिक्षण संस्थानों के पास थीं।


विजय की आर्थिक सोच

विजय की आर्थिक दृष्टि ने राजनीतिक हलकों का ध्यान आकर्षित किया है। नीति आयोग के वाइस चेयरमैन ने उनकी योजना की प्रशंसा की है, जिसमें 2035 तक तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था को 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है।


उन्होंने भ्रष्टाचार-विरोधी उपायों को भी प्राथमिकता दी है और सरकारी सेवाओं में सुधार के लिए कई योजनाएं पेश की हैं।