सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी से आईटीसी के शेयरों में भारी गिरावट
नई एक्साइज ड्यूटी का प्रभाव
नई दिल्ली| सरकार द्वारा सिगरेट पर लागू की गई नई एक्साइज ड्यूटी ने शेयर बाजार में हलचल मचा दी है। इसका सबसे अधिक प्रभाव आईटीसी के शेयरों पर पड़ा, जो केवल दो कारोबारी दिनों में 14% तक गिर गए। इस गिरावट के कारण सरकारी बीमा कंपनियों, विशेषकर जीवन बीमा निगम (LIC) को लगभग 11,500 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ है, जबकि आम निवेशकों की संपत्ति में भी लगभग 70,000 करोड़ रुपये की कमी आई है।
आईटीसी के शेयरों में बिकवाली
नई एक्साइज ड्यूटी के कारण सिगरेट उद्योग पर बढ़ते दबाव की आशंका से आईटीसी के शेयरों में भारी बिकवाली हुई। 2 जनवरी को आईटीसी का शेयर लगभग 5% गिरकर 345.25 रुपये पर पहुंच गया, जो इसका नया 52-सप्ताह का न्यूनतम स्तर है। हालांकि, कारोबार के अंत में इसमें थोड़ी सुधार देखने को मिली, लेकिन 2026 के पहले दो दिनों में शेयर 14% से अधिक गिर चुका है।
बीमा कंपनियों को नुकसान
जुलाई-सितंबर तिमाही (FY26) के शेयरधारिता पैटर्न के अनुसार, आईटीसी पूरी तरह से सार्वजनिक शेयरधारकों के पास है। इसमें LIC की हिस्सेदारी 15.86% है। इसके अलावा, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (GIC) की 1.73% और न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की 1.4% हिस्सेदारी है।
आईटीसी के शेयरों में आई गिरावट के कारण LIC की हिस्सेदारी की वैल्यू 31 दिसंबर को लगभग 80,028 करोड़ रुपये थी, जो घटकर 68,560 करोड़ रुपये रह गई। इस प्रकार, LIC को लगभग 11,468 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ। वहीं, GIC को लगभग 1,254 करोड़ रुपये और न्यू इंडिया एश्योरेंस को लगभग 1,018 करोड़ रुपये की वैल्यू में कमी का सामना करना पड़ा।
कुल नुकसान का आकलन
इन तीनों सरकारी बीमा कंपनियों के पोर्टफोलियो से दो दिन में कुल 13,740 करोड़ रुपये की वैल्यू घट गई। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि यह अनुमानित नुकसान है, यानी जब तक शेयर बेचे नहीं जाते, तब तक यह कागजी नुकसान ही माना जाएगा।
आईटीसी का मार्केट कैप
2 जनवरी को आईटीसी का शेयर लगभग 350.10 पर बंद हुआ, जो दिन के दौरान लगभग 4% की गिरावट दर्शाता है। पिछले पांच दिनों में शेयर लगभग 13% और छह महीनों में 15% से अधिक गिर चुका है। दो दिनों में कंपनी का मार्केट कैप लगभग 72,000 करोड़ रुपये घटकर 4,38,581 करोड़ रुपये रह गया। 31 दिसंबर 2025 तक आईटीसी का मार्केट कैप लगभग 5.10 लाख करोड़ रुपये था। वर्तमान में कंपनी का P/E अनुपात 22.59 है।
एलआईसी और जीआईसी के शेयरों में वृद्धि
दिलचस्प बात यह है कि आईटीसी में भारी गिरावट के बावजूद LIC के शेयर लगभग 1% बढ़कर 861 रुपये पर बंद हुए, जबकि GIC के शेयर भी हल्की बढ़त के साथ 380 रुपये पर बंद हुए।
