सिगरेट छोड़ने के लिए प्रभावी उपाय: विशेषज्ञ की सलाह
भारत में तंबाकू का बढ़ता खतरा
भारत में तंबाकू के सेवन से होने वाली मौतों की संख्या में वृद्धि हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुरुषों में सिगरेट पीने से मौत का जोखिम सबसे अधिक है। 2019 से 2021 के बीच, पुरुषों की कुल मौतों में लगभग 45 प्रतिशत मौतें तंबाकू के कारण हुईं। सर गंगाराम हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सजीला मैनी का मानना है कि यदि कोई व्यक्ति स्मोकिंग छोड़ना चाहता है, तो उसे इसे एक बार में ही बंद करना चाहिए। कई लोग सोचते हैं कि धीरे-धीरे कम करने से सिगरेट की आदत छूट जाएगी, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा कोई नियम नहीं है।
सिगरेट की लत और कैंसर का खतरा
सिगरेट की लत इतनी गहरी होती है कि लोग इसे छोड़ने में असमर्थ रहते हैं। तंबाकू के सेवन से कैंसर का खतरा भी बना रहता है। कई अध्ययन बताते हैं कि पैसिव स्मोकिंग, यानी सिगरेट पीने वालों के आस-पास रहने वालों को भी कैंसर का खतरा होता है।
सिगरेट छोड़ने का प्रभावी तरीका
डॉ. सजीला मैनी के अनुसार, सिगरेट छोड़ने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है इसे एक झटके में छोड़ना, जिसे कोल्ड टर्की मेथड कहा जाता है। इस विधि में व्यक्ति को Quit Date यानी छोड़ने की तारीख तय करनी होती है। यदि कोई व्यक्ति 10 सिगरेट पीता है, तो उसे इसे तुरंत 0 करना चाहिए।
72 घंटे की चुनौती
सिगरेट छोड़ने के दौरान दो फिजिकल विड्रॉल्स होते हैं, जो 72 घंटे तक परेशान करते हैं। इस दौरान तलब, चिड़चिड़ापन, नींद न आना, भूख बढ़ना और सिरदर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति इन लक्षणों को 72 घंटे तक संभाल लेता है, तो चौथे दिन तक क्रेविंग 80 प्रतिशत तक कम हो जाती है।
दवाओं की मदद
विशेषज्ञों का कहना है कि सिगरेट छोड़ने के लिए कई प्रभावी दवाएं उपलब्ध हैं, जो लक्षणों को कम करने में मदद करती हैं। सबसे अच्छा तरीका है कि सिगरेट को अपने पास न रखें। यदि आप मन में दृढ़ संकल्प कर लेते हैं, तो आधा काम वहीं हो जाता है।
घरेलू उपाय
डॉ. मैनी ने बताया कि हमारे किचन में कई चीजें हैं जो सिगरेट की क्रेविंग को कम कर सकती हैं। जैसे, पानी का सेवन, विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ, फल और सलाद का सेवन। ये सभी उपाय सिगरेट छोड़ने में सहायक हो सकते हैं।
