सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा को बढ़ाने के लिए तैयार है सरकार
संसदीय कार्य मंत्री का बयान
मंगलवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि सरकार 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा को आवश्यकता पड़ने पर 10 घंटे तक बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, DMK और NCP जैसे कई दलों के नेताओं से बातचीत की है, और सभी ने तय छह घंटे की चर्चा को दो घंटे और बढ़ाने पर सहमति जताई है। रिजिजू ने सदन में कहा कि सभी दलों के नेताओं से बात करने के बाद, हम आठ घंटे की चर्चा पर सहमत हुए हैं।
समय बढ़ाने की संभावना
रिजिजू ने आगे कहा कि यदि और समय की आवश्यकता हुई, तो सरकार को चर्चा को आगे बढ़ाने में कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा, "वेणुगोपाल जी, अगर आपको दो घंटे और चाहिए, तो सरकार को कोई आपत्ति नहीं है। हम इस पर मिलकर निर्णय ले सकते हैं।" स्पीकर ने भी कहा है कि एक घंटे और बढ़ाने में कोई समस्या नहीं है। यदि आठ घंटे से अधिक समय की आवश्यकता पड़ी, तो हम 10 घंटे की चर्चा के लिए भी तैयार हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री का दृष्टिकोण
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने 'पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल' पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि ये बदलाव 2024 के बिल में किए जा रहे हैं। यह बिल आज़ाद भारत में अपनी तरह का पहला ऐसा बिल है, जिसे मौजूदा सरकार ने छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए पेश किया है। उन्होंने इसे एक "महत्वपूर्ण कानून" बताया और कहा कि यह देश के युवाओं के भविष्य और भलाई की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
संशोधन का उद्देश्य
सिंह ने संसद में इस बिल पर चर्चा करते हुए कहा कि इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को मजबूत करना, उसकी विश्वसनीयता और पारदर्शिता को बढ़ाना है, ताकि छात्रों को उनकी मेहनत का सही फल मिल सके। उन्होंने बताया कि विभिन्न राज्यों और सरकारों के दौरान परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों की घटनाएं हुई हैं, जिससे ऐसे मामलों से निपटने के लिए एक व्यापक कानून की आवश्यकता महसूस हुई है।
