साउथ 24 परगना में अभिषेक बनर्जी के कार्यालय का अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई

पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना में तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय को अवैध निर्माण के आरोप में ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की गई है। इस कदम ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है, जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। प्रशासन ने पहले नोटिस जारी कर बताया था कि यह इमारत बिना अनुमति के बनाई गई थी। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं।
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राजनीतिक विवाद का नया मोड़

शनिवार को पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय को अवैध निर्माण के आरोप में ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई। अमतला-बारुईपुर रोड पर बुलडोज़र मौके पर पहुंचे और इमारत को गिराने का कार्य आरंभ कर दिया। प्रशासन ने पहले एक नोटिस चिपकाकर यह आरोप लगाया था कि यह इमारत बिना अनुमति के बनाई गई थी।


सुरक्षा के बीच कार्रवाई

यह कार्रवाई कड़ी सुरक्षा के बीच की गई, जिसमें पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात थे। जैसे ही तोड़फोड़ शुरू हुई, स्थानीय निवासी और पार्टी कार्यकर्ता वहां इकट्ठा हो गए। यह कदम कोलकाता नगर निगम (KMC) द्वारा उन 17 संपत्तियों के लिए तोड़फोड़ के नोटिस जारी करने के बाद उठाया गया, जो अभिषेक बनर्जी, उनके परिवार और उनकी कंपनी 'लीप्स एंड बाउंड्स' से संबंधित थीं। इनमें हरीश मुखर्जी रोड पर स्थित बनर्जी का घर 'शांतिनिकेतन' भी शामिल है। KMC का संचालन तृणमूल कांग्रेस के पास है।


भाजपा का जश्न

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया और अपनी पार्टी के समर्थन में नारे लगाए। अभिषेक बनर्जी डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के सांसद हैं, और अमतला इसी क्षेत्र का हिस्सा है। भाजपा विधायक अग्निश्वर नस्कर ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी का कार्यालय निर्माण नियमों का उल्लंघन कर बनाया गया था और उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत किया। नस्कर ने कहा कि यह ढांचा अवैध रूप से बनाया गया था और प्रशासन ने अंततः कानून के अनुसार कार्रवाई की है।


कानूनी प्रक्रिया का पालन

वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि कार्यालय के निर्माण में नियमों के उल्लंघन की शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि शिकायतों के आधार पर वैधानिक प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसमें संबंधित व्यक्तियों को 15 जुलाई को नोटिस जारी कर सुनवाई में उपस्थित होने के लिए कहा गया था। दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रशासन ने कानून के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की है। कथित अनधिकृत निर्माण की शिकायतें मिलने के बाद नोटिस जारी किए गए थे और मामला फिलहाल विचाराधीन है। सुनवाई पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।


राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर

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सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया