साइबर ठगी पर नियंत्रण के लिए गृह मंत्रालय के नए निर्देश

गृह मंत्रालय ने साइबर ठगी की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए सभी विभागों और बैंकों को एकजुट होकर काम करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच साइबर ठगी के मामलों में 55,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की चोरी हुई है। इस लेख में साइबर ठगी की बढ़ती घटनाओं, शिकायतों की संख्या और इससे बचने के उपायों पर चर्चा की गई है।
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साइबर ठगी पर नियंत्रण के लिए गृह मंत्रालय के नए निर्देश

साइबर ठगी की बढ़ती समस्या


गृह मंत्रालय ने साइबर ठगी की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए सभी विभागों और बैंकों को एकजुट होकर काम करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती बताया और एजेंसियों के बीच समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, एसआरईडी और बैंकों को मिलकर सुरक्षित तकनीकों के विकास के लिए निर्देशित किया ताकि अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।


देश में डिजिटल लेन-देन की गति बढ़ने के साथ-साथ इसके साथ जुड़े जोखिम भी बढ़ गए हैं। आंकड़ों के अनुसार, हर 37 सेकंड में एक व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो रहा है, जिसका मतलब है कि लगभग हर 100 लोगों में से एक प्रभावित हो रहा है।


साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतों की संख्या

गृह मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच साइबर ठगी के मामलों में 55,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की चोरी की गई है। पिछले पांच वर्षों में कुल 6 करोड़ 58 लाख शिकायतें दर्ज की गई हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2021 में साइबर ठगी की राशि 551 करोड़ रुपये थी, जो 2022 में 2,290 करोड़ रुपये और 2023 में 7,465 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।


2024 में यह राशि 22,848 करोड़ रुपये और 2025 में 22,495 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। शिकायतों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है, जिसमें 2021 में 2,62,846, 2022 में 6,94,446, 2023 में 13,10,357, 2024 में 19,18,835 और 2025 में 24,02,579 शिकायतें दर्ज की गईं।


राज्यों में साइबर अपराध की स्थिति

राजस्थान, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्य साइबर अपराध के मामलों में शीर्ष पर हैं। जामताड़ा और बिहार के कुछ इलाके लंबे समय से साइबर अपराध के लिए जाने जाते हैं। हाल के अध्ययनों में राजस्थान का भरतपुर साइबर ठगी का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा है।


2025 में 786 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी दर्ज की गई, और पुलिस ने 2.5 लाख से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबरों की पहचान की। इन अपराधियों की गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैली हुई हैं।


साइबर ठगी से बचने के उपाय

साइबर ठगी से बचने के लिए, विशेषज्ञों का सुझाव है कि हर व्यक्ति को मजबूत और अद्वितीय पासवर्ड का उपयोग करना चाहिए और उन्हें समय-समय पर बदलना चाहिए। ईमेल, एसएमएस या सोशल मीडिया लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए, क्योंकि ये फिशिंग हमलों का माध्यम हो सकते हैं।


बैंक, सरकारी अधिकारी या किसी भी वैध संस्था द्वारा फोन करने पर सावधानी बरतें और संवेदनशील लेन-देन से बचें। अपने मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर में एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल करें और सिस्टम को नियमित रूप से अपडेट करें।