सांसदों और विधायकों के लिए कार्यशाला: स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल संवाद पर चर्चा

नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यशाला में सांसदों और विधायकों ने स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल संवाद जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। NFPRC द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 80 जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को नीति विशेषज्ञों के साथ संवाद का मंच प्रदान करना था, जिससे वे बेहतर शासन व्यवस्था और प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार कर सकें। इस दौरान आयुष्मान भारत, नई शिक्षा नीति 2020 और डिजिटल संवाद जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।
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सांसदों और विधायकों के लिए कार्यशाला: स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल संवाद पर चर्चा gyanhigyan

नई दिल्ली में विशेष कार्यशाला का आयोजन

नई दिल्ली। आज इंडिया हैबिटेट सेंटर के गुलमोहर हॉल में Nation First Policy Research and Change Foundation (NFPRC) द्वारा सांसदों और विधायकों के लिए एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में लोकसभा, राज्यसभा और विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के लगभग 80 जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल संवाद, सुशासन और विकसित भारत@2047 से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा की गई।


कार्यशाला का उद्देश्य

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को नीति विशेषज्ञों के साथ संवाद का एक मंच प्रदान करना था, ताकि वे बेहतर शासन व्यवस्था, प्रभावी क्रियान्वयन, संस्थागत समन्वय और क्षेत्रीय स्तर पर परिणाम आधारित कार्यप्रणाली पर विचार-विमर्श कर सकें।


स्वागत संबोधन में महत्वपूर्ण बातें

NFPRC Foundation के अध्यक्ष श्री तरुण चुघ ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि आयुष्मान भारत, नई शिक्षा नीति 2020 और डिजिटल संवाद जैसे परिवर्तनकारी प्रयास विकसित भारत की मजबूत आधारशिला बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जनकेंद्रित शासन, प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीक आधारित संवाद व्यवस्था को और मजबूत बनाना आवश्यक है।


आयुष्मान भारत पर चर्चा

*“आयुष्मान भारत ने स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दी”*
लोकसभा सांसद डॉ. सी. एन. मंजूनाथ ने “आयुष्मान भारत: भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था की नई नींव” विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि PM-JAY और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के माध्यम से देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को अभूतपूर्व मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं की गांव-गांव तक पहुंच विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली पर चर्चा

सत्र में डिजिटल हेल्थ सिस्टम, क्लेम प्रक्रिया, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य ढांचे के आधुनिकीकरण जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।


नई शिक्षा नीति और डिजिटल शिक्षा

*नई शिक्षा नीति और डिजिटल शिक्षा पर विशेष चर्चा*
Central Square Foundation के सीनियर डायरेक्टर श्री सौरभ चोपड़ा ने नई शिक्षा नीति 2020 को भारत की शिक्षा क्रांति का आधार बताते हुए कहा कि मातृभाषा आधारित शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, डिजिटल लर्निंग और आधुनिक शिक्षा मॉडल देश के युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


डिजिटल संवाद की भूमिका

*“डिजिटल संवाद जनप्रतिनिधियों को जनता से जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम”*
लोकसभा सांसद डॉ. संबित पात्रा ने रणनीतिक डिजिटल संचार पर प्रस्तुति देते हुए कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म आज जनप्रतिनिधियों और जनता के बीच संवाद का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुके हैं।
उन्होंने मीडिया सहभागिता, सोशल मीडिया प्रबंधन, सूचना के त्वरित प्रसार और संकट की स्थिति में प्रभावी संवाद रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और सक्रिय संवाद ही जनविश्वास को मजबूत बनाता है।
डॉ. पात्रा ने क्षेत्रीय भाषाओं और स्थानीय मीडिया की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे जनप्रतिनिधि जनता से अधिक गहराई से जुड़ सकते हैं।


कोविड प्रबंधन पर वीडियो संदेश

*कोविड प्रबंधन पर वीडियो संदेश प्रस्तुत*
कार्यक्रम के दौरान WTO जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर एवं “How India Braved the Covid-19 Pandemic” पुस्तक के लेखक श्री आशीष चंदोरकर का वीडियो संदेश भी प्रदर्शित किया गया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कोविड-19 महामारी का सामना दृढ़ नेतृत्व, तकनीक आधारित प्रबंधन और जनभागीदारी के माध्यम से सफलतापूर्वक किया। उन्होंने CoWIN प्लेटफॉर्म और दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियानों में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख किया।


शोध आधारित संवाद और क्षमता निर्माण

*शोध आधारित संवाद और क्षमता निर्माण पर जोर*
कार्यक्रम के समापन पर NFPRC Foundation के बोर्ड सदस्य श्री अभिनव प्रकाश ने सभी वक्ताओं और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि NFPRC भविष्य में भी शोध आधारित संवाद, नीति विमर्श और जनप्रतिनिधियों के क्षमता निर्माण के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
कार्यशाला में शासन व्यवस्था को मजबूत बनाने, डिजिटल सिस्टम को बेहतर करने और योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने ऐसे निष्पक्ष और शोध आधारित मंचों की सराहना की, जो जनप्रतिनिधियों को बेहतर निर्णय लेने और अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं।