सांगली में अंधविश्वास के नाम पर नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना
सांगली में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना
सांगली: महाराष्ट्र के सांगली जिले से एक बेहद च shocking घटना सामने आई है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। कदेश्वर धाम के तीन पाखंडी बाबाओं ने अंधविश्वास का ऐसा घिनौना जाल बुना कि एक नाबालिग लड़की की जिंदगी बर्बाद हो गई। इन ढोंगी बाबाओं ने पीड़िता को पिछले जन्म की 'नागिन' और 'डायन' बताकर डराया और फिर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने इस घिनौनी करतूत का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। वीटा थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
अंधविश्वास का ताना-बाना
हाल ही में महाराष्ट्र ने नासिक के कुख्यात जालसाज अशोक खराद के कारनामों को देखा था, जिसने कई महिलाओं का यौन शोषण किया था। अभी लोग उस सदमे से उबर नहीं पाए थे कि सांगली के वीटा इलाके से अंधविश्वास और दरिंदगी की यह नई वारदात सामने आई। पुलिस के अनुसार, कदेश्वर धाम के इन पाखंडी बाबाओं ने नाबालिग लड़की और उसके परिवार को अपने तंत्र-मंत्र के जाल में फंसाया। उन्होंने लड़की को डराते हुए कहा, 'तुम पिछले जन्म में एक खतरनाक डायन और नागिन थीं, जबकि मुख्य आरोपी नाग थे। इसलिए इस जन्म में तुम्हारा उनसे विवाह होना तय है।' इस डरावनी कहानी ने नाबालिग को बुरी तरह सहमा दिया।
पिता से ठगी का मामला
पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि इन जालसाजों ने खुद को बड़े रसूखदार लोगों और राजनेताओं से जुड़े होने का दावा किया था। इसी झूठे प्रभाव का इस्तेमाल कर उन्होंने पीड़िता के परिवार का विश्वास जीता। इसके बाद, आरोपियों ने लड़की के ऊपर से कथित 'नागिन और डायन' का दोष निवारण करने, पूजा-पाठ और हवन कराने के नाम पर पीड़िता के पिता से करीब साढ़े चार लाख रुपये की मोटी रकम भी ऐंठ ली।
ब्लैकमेलिंग का मामला
इन ढोंगियों की दरिंदगी केवल धोखाधड़ी और बलात्कार तक सीमित नहीं रही। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया है कि तीनों आरोपियों ने नाबालिग के साथ किए जा रहे इस अत्याचार का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था। इस वीडियो के जरिए आरोपी पीड़िता को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। वे वीडियो को इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देकर बार-बार लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म करते रहे। लोकलाज और बदनामी के डर से पीड़िता काफी समय तक चुप रही, लेकिन जब स्थिति बेकाबू हो गई, तो उसने अपने परिजनों को अपनी आपबीती सुनाई।
आरोपियों की गिरफ्तारी
पीड़िता की हिम्मत और वीटा पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद इस घिनौने रैकेट का भंडाफोड़ हो गया है। पुलिस ने कदेश्वर धाम के मुख्य आरोपी महेश मोहन बाबर, संकेत संदीप निकम और सूरज उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया है। वीटा पुलिस स्टेशन के अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त पॉक्सो एक्ट (POCSO), सामूहिक दुष्कर्म और वित्तीय धोखाधड़ी के तहत कड़ी कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन बाबाओं ने और कितनी महिलाओं को अपनी हवस या ठगी का शिकार बनाया है।
