सहारनपुर में रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, अधिकारी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एक राज्य कर अधिकारी को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई एक व्यापारी की शिकायत के बाद की गई, जिसने आरोप लगाया था कि अधिकारी जानबूझकर व्यापारियों को परेशान कर अवैध वसूली कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने विभाग में हड़कंप मचा दिया है और अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश है।
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भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई

उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत सहारनपुर में सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। मेरठ सेक्टर की ट्रैप टीम ने सोमवार को राज्य कर विभाग के एक अधिकारी को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। आरोपी की पहचान सुनील कुमार के रूप में हुई है, जो सहायक आयुक्त के पद पर सीटीओ कार्यालय, सचल दल द्वितीय इकाई, दिल्ली रोड सहारनपुर में तैनात था। उसे उसके निवास से गिरफ्तार किया गया, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया।


व्यापारी की शिकायत का मामला

यह मामला एक व्यापारी की शिकायत से संबंधित है, जो सहारनपुर से रुड़की तक माल की आपूर्ति करता है। व्यापारी ने बताया कि आरोपी अधिकारी सीमा पर तैनाती के दौरान व्यावसायिक वाहनों की जांच करता था और जानबूझकर बिलों में कमी निकालकर व्यापारियों को परेशान करता था। इस तरह वह अवैध वसूली का दबाव बनाता था।


रिश्वत की मांग

शिकायत में उल्लेख किया गया है कि 28 मार्च 2026 को जब व्यापारी जगाधरी से स्क्रैप लेकर रुड़की जा रहा था, तब सहारनपुर बाईपास पर आरोपी ने उसके वाहन को रोक लिया। जांच के दौरान उसने बिलों में आपत्ति लगाकर गाड़ी को राज्य कर कार्यालय में खड़ा करवा दिया और लगभग तीन लाख रुपये का जुर्माना जमा करने का दबाव बनाया।


आरोपी की नई शर्तें

जब व्यापारी दो अप्रैल 2026 को तीन लाख रुपये लेकर कार्यालय पहुंचा, तो आरोपी ने एक नई शर्त रखी। उसने एक लाख 95 हजार 19 रुपये सरकारी खाते में ऑनलाइन जमा कराने और एक लाख पांच हजार रुपये नकद देने की मांग की। व्यापारी ने अलग-अलग खातों से क्यूआर कोड स्कैन कर सरकारी खाते में राशि ट्रांसफर कर दी, लेकिन नकद राशि का कोई रिकॉर्ड नहीं दिया गया।


अरेस्ट और आगे की कार्रवाई

चार अप्रैल को आरोपी ने एक अन्य माल के ईवे बिल पर भी एक लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की। उसने ड्राइवर के माध्यम से यह संदेश भेजा कि यदि भविष्य में कारोबार सुचारू रखना है तो हर महीने एक लाख रुपये रिश्वत देनी होगी। परेशान व्यापारी ने अंततः उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत दर्ज कराई। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर मेरठ सेक्टर की ट्रैप टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी ने एक लाख रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।


भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। सतर्कता अधिष्ठान के अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।