सलमान खुर्शीद ने राम मंदिर दान में हेराफेरी की जांच की मांग की

कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में हेराफेरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला भक्तों के विश्वास से जुड़ा है और सरकार को जिम्मेदार लोगों को दंडित करना चाहिए। पवन पांडे के आरोपों के बाद, राज्य सरकार ने एक विशेष जांच दल का गठन किया है। सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले की जांच के लिए नई याचिका दायर की गई है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
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सलमान खुर्शीद ने राम मंदिर दान में हेराफेरी की जांच की मांग की gyanhigyan

सलमान खुर्शीद की सख्त अपील

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने मंगलवार को अयोध्या में राम मंदिर के लिए प्राप्त दान में संभावित हेराफेरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह मामला गहरी आस्था और जनता के विश्वास से जुड़ा हुआ है, और सरकार को जिम्मेदार व्यक्तियों को दंडित करके एक उदाहरण स्थापित करना चाहिए। खुर्शीद ने राम जन्मभूमि मामले पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि अब मंदिर का निर्माण हो चुका है और लोग दान कर रहे हैं।


भक्तों के विश्वास की रक्षा

उन्होंने कहा, "क्या इससे बड़ी कोई त्रासदी हो सकती है?" उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न राय हो सकती हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का निर्णय अंतिम है। कांग्रेस के नेता ने कहा कि लाखों भक्तों के विश्वास को तोड़ने वालों को दंडित किया जाना चाहिए ताकि मंदिर की पवित्रता बनी रहे।


आरोपों के बाद की कार्रवाई

खुर्शीद ने कहा कि अगर सरकार भगवान राम में विश्वास करती है, तो उसे उन लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए जिन्होंने दान में गबन किया है। यह बयान अयोध्या के पूर्व विधायक पवन पांडे के आरोपों के बाद आया है, जिन्होंने कहा था कि राम मंदिर के लिए मिले दान में ₹7 करोड़ से ₹7.5 करोड़ का गबन हुआ है। इन आरोपों के बाद, राज्य सरकार ने 14 जून को श्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।


सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में वित्तीय गड़बड़ियों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर की गई है। याचिका में FIR दर्ज करने और CBI के तहत SIT बनाने की मांग की गई है, ताकि ट्रस्ट के कामकाज से जुड़ी अनियमितताओं की जांच की जा सके। वकील अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव द्वारा दायर याचिका में ट्रस्ट और उत्तर प्रदेश सरकार को सभी वित्तीय रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश देने की भी मांग की गई है।


रिकॉर्ड की सुरक्षा की मांग

याचिका में यह भी कहा गया है कि ट्रस्ट और सरकार को किसी भी रिकॉर्ड, संपत्ति, फंड, दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक डेटा को नष्ट करने, बदलने या छेड़छाड़ करने से रोका जाए। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की गई है ताकि संस्थागत ईमानदारी और कानून के शासन को बनाए रखा जा सके।