सर्दियों में सेहत के लिए बेहतरीन खरोड़े का सूप बनाने की विधि
खरोड़े का सूप: एक पौष्टिक विकल्प
आपने अक्सर खरोड़े का सूप (Paya Soup) बनाने की विधि वीडियो में देखी होगी, जो सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय है। खासकर मांसाहारी लोग इसकी तलाश में रहते हैं।
कई लोग इसे बनाने में कठिनाई महसूस करते हैं, इसलिए वे इसे स्ट्रीट फूड के रूप में खाना पसंद करते हैं, विशेषकर सर्दियों में। यह सूप न केवल शरीर को गर्म करता है, बल्कि ऊर्जा भी प्रदान करता है। आज हम जानेंगे कि इसे घर पर कैसे सरलता से बनाया जा सकता है।
खरोड़ा क्या है?
खरोड़ा का अर्थ स्थानीय भाषा में बकरी या भेड़ के पैरों से है। बकरी के पैरों को अच्छे से साफ करके लंबे समय तक पकाया जाता है, जिससे हड्डियों और नसों से निकलने वाला प्राकृतिक रस इसे स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाता है। ग्रामीणों का मानना है कि खरोड़े का सूप न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि यह शरीर में गर्मी और ऊर्जा भी प्रदान करता है।
खरोड़े का सूप बनाने के लिए सामग्री
- खरोड़े / पाया - 2-3
- प्याज - 1 बारीक कटा हुआ
- अदरक-लहसुन का पेस्ट - 1 बड़ा चम्मच
- हल्दी - ½ चम्मच
- नमक - स्वादानुसार
- काली मिर्च - ½ चम्मच
- तेज पत्ता - 1
- साबुत मसाले (इच्छानुसार) - लौंग, दालचीनी
- पानी - 4-5 कप
- थोड़ा धनिया/नींबू
सूप बनाने की विधि
- खरोड़े का सूप बनाने के लिए सबसे पहले बकरी के पैरों के बाल को चूल्हे या गैस पर जलाकर अच्छी तरह से चाकू से हटा लें। फिर पानी में धोकर फिर से आग में सेंक लें। इससे बचे हुए बाल पूरी तरह हट जाएंगे। इसके बाद इसे फिर से पानी से धो लें।
- अब कूकर में खरोड़े, हल्दी, नमक, तेजपत्ता और पानी डालें।
- फिर तेज आंच पर 4-5 सीटी लगने के बाद इसे मध्यम आंच पर 30-35 मिनट पकने दें।
- अब एक कड़ाही में तेल डालकर इसे गर्म होने के लिए छोड़ दें।
- जब तेल गर्म हो जाए, तो इसमें प्याज और अदरक-लहसुन का पेस्ट सुनहरा होने तक भूनें। फिर इसमें साबुत मसाले डालें।
- अब उबले हुए खरोड़े का स्टॉक डालकर, इसमें काली मिर्च डालें। ऊपर से धनिया और नींबू निचोड़ें, इससे स्वाद बढ़ जाएगा।
विशेषज्ञों की राय
कई विशेषज्ञों और आयुर्वेद के अनुसार, खरोड़े का सूप प्राकृतिक प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है। इसमें कैल्शियम, कोलेजन और मिनरल्स की अच्छी मात्रा होती है। यह सर्दियों में जोड़ों के दर्द, कमजोरी और थकान के लिए फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, उच्च रक्तचाप या कोलेस्ट्रॉल वाले मरीजों को इसका सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती है। कई लोग इसे सर्दी-जुकाम में राहत देने वाला पेय मानते हैं। यही कारण है कि जैसे ही ठंड का मौसम आता है, खरोड़े की मांग और इसके स्वाद की चर्चा हर घर में बढ़ जाती है।
